कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से 2027 के चुनाव में भाजपा से किसकी है प्रबल दावेदारी!
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2027 कालाढूंगी विधानसभा: पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के कार्यों से क्षेत्र में बनी मजबूत पकड़
कालाढूंगी(उत्तराखंड)। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। कॉर्पोरेट जगत में ढाई दशकों से अधिक का सफल अनुभव रखने वाले और “पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन” के संस्थापक गुंजन तिवारी ने कालाढूंगी क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ने की मजबूत इच्छा व्यक्त की है। अपनी स्वर्गीय माता की स्मृति में बने इस फाउंडेशन के जरिए वे लंबे समय से क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं।
गुंजन तिवारी के पक्ष में बनने वाले मजबूत और सकारात्मक पहलू
राजनीतिक विश्लेषकों और स्थानीय जनता के बीच गुंजन तिवारी की दावेदारी को कई कारणों से काफी सकारात्मक माना जा रहा है:
1. स्वच्छ और शिक्षित छवि (कॉर्पोरेट अनुभव):
कई बडे व प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थानों में मानव संसाधन (CHRO) विशेषज्ञ के रूप में 25 वर्षों का वृहद अनुभव होने के कारण गुंजन तिवारी की पहचान एक बेहद शिक्षित, दूरदर्शी और कुशल प्रबंधक की है। जनता उन्हें एक पारंपरिक नेता की जगह समाधान-केंद्रित नीति-निर्माता के रूप में देख रही है।
2. जमीनी समाज सेवा (100% निजी वित्तपोषित कार्य):
पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने कालाढूंगी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति, वस्त्र/सामग्री वितरण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए हैं। सबसे खास बात यह है कि ये सभी कार्य वे बिना किसी सरकारी अनुदान के स्वयं के संसाधनों से कर रहे हैं।
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3. संघ और भाजपा की विचारधारा से गहरा जुड़ाव: 
गुंजन तिवारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राष्ट्रवादी विचारधारा और सनातन मूल्यों से गहराई से प्रेरित हैं। भाजपा के सक्रिय सदस्य के रूप में वे लगातार संगठन के विचारों और नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
4. युवाओं के लिए रोल मॉडल और पलायन पर वार:
उत्तराखंड से युवाओं के पलायन की समस्या को हल करने के लिए वे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और कौशल विकास (Skill Development) को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे क्षेत्र का युवा वर्ग उनके प्रति काफी आकर्षित और उत्साहित है।
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5. प्रशासनिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि:
पूर्व आईएएएस अधिकारी श्री डी.डी. तिवारी के सुपुत्र होने के कारण उन्हें शासन-प्रशासन की बारीकियों की बेहतर समझ विरासत में मिली है। यह प्रशासनिक समझ कालाढूंगी के विकास के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है।
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“विकसित कालाढूंगी और विकसित उत्तराखंड ही लक्ष्य”
कालाढूंगी क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गुंजन तिवारी ने कहा: “हमारा उद्देश्य राजनीति को सत्ता पाने का साधन बनाना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को कालाढूंगी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। यदि पार्टी नेतृत्व मुझ पर विश्वास जताता है, तो कालाढूंगी को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के मामले में पूरे प्रदेश में अग्रणी बनाना मेरी प्राथमिकता होगी।
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कालाढूंगी विधानसभा के युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों में गुंजन तिवारी की सादगी और सेवा भावना को लेकर काफी सकारात्मक माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी उनके निष्कलंक ट्रैक रिकॉर्ड और ऊर्जावान कार्यशैली की सराहना की जा रही है।
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