September 19, 2026

विचार विमर्श

सांस्कृतिक अस्मिता की ‘घर वापसी’: छत्तीसगढ़ का जनजाति समाज फिर लौटा अपनी मूल संस्कृति की ओर

- डॉ. मयंक चतुर्वेदी रायपुर/बस्तर। बस्तर के जंगलों में फिर मांदर की थाप सुनाई देने लगी है। देवगुड़ियों में दीप...

हिंदी: हमारी पहचान और आत्मसम्मान

भाषा केवल शब्दों को जोड़ने का माध्यम नहीं होती बल्कि वह हमारी स्मृतियों भावनाओं अनुभवों और सपनों को अपने भीतर...

श्री गुरु ग्रंथ साहिब प्रकाश उत्सव : वाणी का प्रकाश, मानवता का मार्ग

- कैलाश चन्द्र भारत की धरती केवल पर्वतों, नदियों और नगरों की धरती नहीं है। यह ऋषियों, मुनियों, संतों और...

मनुस्मृति के बहाने कांग्रेस का भारतीय परिवार संस्कृति पर हमला

- मृत्युंजय दीक्षितकांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने मुद्दों को धार देने के लिए ”छात्रों की गूंज” कार्यक्रम का आयोजन कर...

मोबाइल फोन : साल, दो साल का साथी, फिर बनता बहुआयामी बर्बादी

- डॉ. शैलेश शुक्लाआज से दस साल पहले फोन का मतलब सिर्फ कॉल और संदेश था पर आज सुबह के...

वंदेमातरम को लेकर आमने-सामने सियासी दल, इतिहास के पन्नों से निकला विवाद फिर बना राष्ट्रीय बहस का मुद्दा

मृत्युंजय दीक्षितराष्ट्रगीत वंदेमातरम को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। संसद के मानसून...

अनुच्छेद 370 से 5 अगस्त 2019 तक: जम्मू-कश्मीर की संवैधानिक यात्रा, राष्ट्र की सामूहिक आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिबिंब

- कैलाश चन्द्रस्वतंत्रता के साथ ही भारत के अनेक जटिल प्रश्न राष्ट्र के समक्ष उपस्थित हुए। इनमें सबसे संवेदनशील और...

शिक्षा से सशक्त होगा भारत, विकसित राष्ट्र बनने की राह में सबसे बड़ी पूंजी है ज्ञान

सौरभ वार्ष्णेयभारत आज विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत भी...

निर्माणाधीन सुरंगें क्यों बन रही हैं जानलेवा विकास की कीमत या सुरक्षा में बड़ी चूक का संकेत

प्रमोद भार्गवसिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुई दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे देश को...

भारतीय मजदूर संघ : 71 वर्षों की राष्ट्रनिष्ठ श्रमिक यात्रा, जिसने श्रम आंदोलन को दिया भारतीय दृष्टिकोण

- डॉ. मयंक चतुर्वेदी 23 जुलाई 1955 को स्थापित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) आज केवल देश का सबसे बड़ा श्रमिक...