September 20, 2026

दूरदर्शन की रामायण ने रचा था कमाई का इतिहास, 78 एपिसोड से विज्ञापन बाजार में आया बड़ा बदलाव

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नई दिल्ली । टेलीविजन के शुरुआती दौर में कुछ ऐसे धारावाहिक आए, जिन्होंने केवल मनोरंजन तक अपनी पहचान सीमित नहीं रखी, बल्कि पूरे टीवी उद्योग के काम करने के तरीके को बदल दिया। रामानंद सागर की ‘रामायण’ भी ऐसा ही धारावाहिक था, जिसने प्रसारण के दौरान दर्शकों की जबरदस्त दिलचस्पी हासिल की और कमाई के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया।

दूरदर्शन पर प्रसारित इस धारावाहिक के कुल 78 एपिसोड थे। इसके प्रसारण के दौरान देशभर में इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। उस समय टेलीविजन घरों में मनोरंजन का प्रमुख माध्यम बन रहा था और रामायण ने दर्शकों के बीच ऐसी जगह बनाई कि इसके प्रसारण के दौरान लोगों की दिनचर्या तक प्रभावित होने लगी थी।

पुराने आंकड़ों के अनुसार, पहली बार प्रसारण के समय रामायण को करीब 4 करोड़ लोगों ने देखा था। इसकी लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं रही। धारावाहिक को 53 देशों में प्रसारित किया गया और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी इसे बड़ी संख्या में दर्शक मिले।

उपलब्ध आंकड़ों में बताया गया है कि दुनिया भर में रामायण को 65 करोड़ से अधिक दर्शकों ने देखा। इसी वजह से इसे अपने दौर के सबसे अधिक देखे जाने वाले पौराणिक टेलीविजन धारावाहिकों में शामिल किया जाता है। दोबारा प्रसारण के दौरान भी इसकी लोकप्रियता देखने को मिली और नई पीढ़ी के दर्शकों ने भी इसे काफी पसंद किया।

रामायण की सफलता का असर इसकी कमाई पर भी दिखाई दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार, पहले टेलीकास्ट के दौरान इस धारावाहिक ने दूरदर्शन के लिए करीब 23 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह आंकड़ा उस दौर के टेलीविजन बाजार को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना गया।

इस कमाई में विज्ञापनों की बड़ी भूमिका रही। धारावाहिक की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कई बड़े ब्रांड इससे जुड़े। कोलगेट, हिंदुस्तान लीवर और अरविंद मफतलाल जैसे ब्रांड्स ने इसके साथ विज्ञापन किए। रामायण के जरिए टेलीविजन कार्यक्रमों के साथ विज्ञापन जोड़ने की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ीं।

उस दौर में टेलीविजन धारावाहिकों के साथ विज्ञापनों का कारोबार आज की तरह व्यापक नहीं था। रामायण की लोकप्रियता ने कंपनियों को यह समझने का मौका दिया कि किसी लोकप्रिय कार्यक्रम के साथ जुड़कर बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंच बनाई जा सकती है। इसके बाद टेलीविजन पर विज्ञापन बाजार के विस्तार का रास्ता और मजबूत हुआ।

रामायण की सफलता इसलिए भी खास रही क्योंकि इसने एक साथ कहानी, धार्मिक आस्था, दर्शकों की भागीदारी और व्यावसायिक सफलता को जोड़ा। इसके पात्र और कलाकार घर-घर में पहचाने जाने लगे। आज भी इस धारावाहिक से जुड़ी यादें दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती हैं।

इसी वजह से रामानंद सागर की रामायण को भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। 78 एपिसोड वाले इस धारावाहिक ने न केवल बड़ी दर्शक संख्या हासिल की, बल्कि कमाई और विज्ञापन के क्षेत्र में भी ऐसा प्रभाव छोड़ा, जिसकी चर्चा दशकों बाद भी होती है।

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