उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का आंकड़ा 641 पहुंचा
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कोरोना संक्रमण से 57 लोग पॉजिटिव पाए गए, तो 222 मरीजों में डेंगू की पुष्टि
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महिलाओं के मुकाबले पुरुष स्वाइन फ्लू की चपेट में अधिक
उत्तराखंड में भले ही मानसून अंतिम चरण में हो लेकिन बीमारियों से ग्रसित मरीजों के आंकड़े तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। जिसके पीछे की मुख्य वजह मौसम में अचानक हो रहे बदलाव माना जा रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का आंकड़ा 641 हो गया है. वहीं, डेंगू और कोविड के आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं।
उत्तराखंड में सीजनल बीमारियों के बीच सीजनल इन्फ्लुएंजा से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि अभी तक 641 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। राहत भरी खबर ये है कि कुल मरीजों में से 600 मरीज ठीक हो चुके हैं। 39 मरीजों का इलाज जारी है। स्वाइन फ्लू की वजह से अभी तक 2 मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे के भीतर स्वाइन फ्लू के 15 नए मामले सामने आए हैं। जिसमें से अकले देहरादून जिले में 9 मामले और अन्य जिलों में 6 मामले सामने आए हैं। स्वाइन फ्लू के अलावा, डेंगू और कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रही है।
उत्तराखंड में लगातार बदल रहे मौसम के बीच सीजन बीमारियों के साथ स्वाइन फ्लू के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग इस बात को कह रहा है कि पहले के मुकाबले नए मरीजों की संख्या घट रही है। अभी तक 2111 सैंपल की जांच की गई है, जिसमें से 428 देहरादून और 213 अन्य जिले में मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इसी तरह, अभी तक कोरोना संक्रमण को देखते हुए 1060 सैंपल लिए गए हैं, जिसमें से 57 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं. इनमें 29 देहरादून और 28 अन्य जिलों के शामिल हैं।
इसी प्रकार डेंगू के जांच के लिए करीब 34,226 सैंपल लिए गए हैं। जिसमें से 222 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है] इनमें से देहरादून जिले में 109 मरीज और अन्य जिलों के 113 मरीज शामिल हैं। इन मरीजों में से 203 मरीज ठीक हो चुके हैं. 19 मरीजों का इलाज चल रहा है।
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू की चपेट में सबसे अधिक छोटे बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अभी प्रदेश में 641 स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं, जिसमें से 0 से 11 महीने के एक बच्चे और 1 से 10 साल तक के 101 बच्चों में पुष्टि हुई है। इसके साथ ही 11 से 20 साल के 57 बच्चे, 21 से 30 साल के 72 मरीजों, 31 से 40 साल के 58 मरीजों, 41 से 50 साल के 63 मरीज, 51 से 60 साल के 97 मरीज, 61 से 70 साल के 105 मरीज, 71 से 80 साल के 71 मरीज और 81 से 100 साल के 16 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। यही नहीं, महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा स्वाइन फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, कुल स्वाइन फ्लू के 641 मरीजों में से 302 महिला और 339 पुरुष मरीज शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग निदेशक डॉ शिखा जगपांगी का कहना है कि स्वाइन फ्लू का आंकड़ा अब घटता हुआ दिखाई दे रहा है लेकिन, स्वास्थ्य विभाग हमेशा ही अलर्ट मोड में रहता है। समय समय मौसमी बीमारियां चलती रहती हैं। वर्तमान समय में फ्लू चल रहा है. आगे जैसे ही मौसम बदलेगा, उस दौरान भी अलग मामले सामने आएंगे। जिसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के लिए एडवाइजरी जारी करती है। स्वाइन फ्लू को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी हो चुकी है. इससे बचने के लिए सावधानियां बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा उनके अनुसार यदि 3 से 4 दिनों तक लगातार बुखार बना हुआ है और वह ठीक नहीं हो रहा है तो सेल्फ मेडिकेशन न करते हुए तत्काल अस्पताल में जाकर डॉक्टर से परामर्श लें। जिससे बीमारी सीवियर कंडीशन में न पहुंचे।
स्वाइन फ्लू (H1N1) : मुख्य लक्षण
• अचानक तेज बुखार के साथ ठंड लगना।
• गले में तेज दर्द या खराश का होना।
• लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी होना।
• सिरदर्द और मांसपेशियों में तेज ऐंठन या दर्द होना।
• अत्यधिक थकान और कमजोरी का होना।
• सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना।
• नाक बहना या नाक का बंद होना।
• कुछ बच्चों में उल्टी और दस्त (डायरिया) होना।
