November 6, 2026

शहजाद पूनावाला ने राइज एंड फॉल 2 के विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बोले- हिंसा कभी समाधान नहीं हो सकती..

0
17-1793966314
नई दिल्ली ।राजनीतिक विश्लेषक और रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल 2’ के विजेता शहजाद पूनावाला ने शो के दौरान सिवेत तोमर के साथ हुए विवाद और उनके प्रतियोगिता से बाहर होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शहजाद का कहना है कि किसी भी असहमति या विवाद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। अपनी बात रखने के लिए शारीरिक ताकत के बजाय शब्दों और बातचीत का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर महात्मा गांधी की धरती और भारतीय लोकतंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंसा को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

शो में अपने सफर और सिवेत के साथ हुए टकराव के बारे में पूछे जाने पर शहजाद ने कहा कि वह अब उस विवाद को दोबारा चर्चा में नहीं लाना चाहते। उनके मुताबिक, इस मामले में शामिल लोगों को वह पहले ही माफ कर चुके हैं और उनके लिए यह प्रकरण समाप्त हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी पर आरोप लगाने या पुरानी घटनाओं को फिर से महत्व देने की उनकी इच्छा नहीं है।

शहजाद ने कहा कि शो में प्रतियोगियों को उनके अपने व्यवहार और फैसलों के आधार पर बाहर किया गया था। उन्होंने उसी समय संबंधित लोगों को माफ कर दिया था। इसलिए अब इस मामले पर दोबारा टिप्पणी करने की जरूरत नहीं समझते। हालांकि, उन्होंने हिंसा के खिलाफ अपना रुख साफ करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक समाज में मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।

उनके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी रियलिटी शो में बार-बार हिंसा का सहारा लेता है, तो यह उसकी अपनी बात रखने और तर्क के जरिए दूसरे को समझाने की क्षमता पर सवाल खड़ा करता है। शहजाद का मानना है कि शारीरिक ताकत का इस्तेमाल करके अपनी बात मनवाने की कोशिश करना सही तरीका नहीं है। असहमति होने पर भी व्यक्ति को संयम बनाए रखना चाहिए और संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए।

शहजाद और सिवेत तोमर के बीच विवाद की शुरुआत शो के शुरुआती दौर में साथ मिलकर खेलने की योजना से हुई थी। दोनों ने शुरुआत में एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर प्रतियोगिता में आगे बढ़ने की रणनीति बनाई थी। हालांकि, ‘अल्टीमेट रूलर’ रेस के दौरान उनके संबंधों में तनाव पैदा हो गया। इस मुकाबले में सिवेत को सबसे कमजोर फैसले लेने वाला प्रतियोगी बताया गया था। इसके बाद उन्हें एक अन्य प्रतियोगी का नाम बताने का अवसर मिला, जिसे वह कमजोर मानते थे। सिवेत ने इस दौरान शहजाद का नाम चुना। इस फैसले से दोनों के बीच पहले से मौजूद मतभेद और बढ़ गए।

विवाद ने उस समय अधिक गंभीर रूप ले लिया, जब सिवेत को स्वरा भास्कर के साथ बातचीत करते देखा गया। शहजाद ने उनके बदले हुए व्यवहार पर सवाल उठाए। इसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में मौखिक विवाद तक सीमित रही यह घटना जल्द ही हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि सिवेत ने शहजाद की गर्दन पकड़कर उन्हें नीचे धक्का दिया। इस घटना में शहजाद को चोट आई और उनके कपड़े भी फट गए।

शो के नियमों के अनुसार, शहजाद पर हमला करने की घटना के बाद सिवेत तोमर को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद दोनों के बीच हुए विवाद ने शो की चर्चा को और बढ़ा दिया। अब शहजाद ने इस पूरे मामले को पीछे छोड़ने की बात कही है। उन्होंने किसी व्यक्ति पर नई टिप्पणी करने के बजाय हिंसा से दूर रहने और संवाद को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। उनका स्पष्ट रुख है कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें सुलझाने का रास्ता शब्द और बातचीत ही होने चाहिए।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *