कटनी जंक्शन पर CBI का बड़ा एक्शन, 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते रेलवे इंजीनियर गिरफ्तार…
मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता तेजराम कुशवाहा की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजयवीर सिंह उनसे किसी रेलवे संबंधी कार्य या बिल के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक सत्यापन कराया। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों की जांच की गई।
शिकायत के सत्यापन के बाद अधिकारियों ने आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की। इसके तहत टीम ने शिकायतकर्ता के माध्यम से रिश्वत की रकम दिए जाने की प्रक्रिया पर नजर रखी। निर्धारित योजना के अनुसार कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने अजयवीर सिंह को 45 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि कथित रिश्वत की मांग किस काम के बदले की गई थी और इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। अदालत में मामले की सुनवाई के बाद उन्हें 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। फिलहाल मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसी संबंधित दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
कटनी जंक्शन रेलवे के लिहाज से मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां रेलवे के अलग-अलग विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां रेल परिचालन, तकनीकी व्यवस्था और विभागीय कार्यों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में रेलवे के एक वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी की गिरफ्तारी से विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार नियंत्रण को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इस कार्रवाई में शिकायतकर्ता की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उनकी शिकायत के बाद जांच एजेंसी ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले आरोपों का सत्यापन किया और फिर ट्रैप की प्रक्रिया अपनाई। इस तरह रिश्वत मांगने के आरोप की जांच के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की गई।
फिलहाल अजयवीर सिंह 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और न्यायालय की प्रक्रिया के आधार पर होगी।
