Uttarakhand weather update- आज भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद
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हाई अलर्ट पर एसडीआरएफ, निगरानी बढ़ी
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सोमवार को भी मौसम बदला हुआ रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून समेत बागेश्वर, चमोली और नैनीताल जिले के कुछ इलाकों में गर्जन और बिजली चमकने के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों की बात करें तो पांच सितंबर तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा।
कई जिलों में स्कूल बंद
भारी बारिश के मद्देनजर सोमवार को देहरादून, चमोली, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिले में 12वीं तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
ऑरेंज अलर्ट: एसडीआरएफ हाई अलर्ट…
उत्तराखंड में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के कारण एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रविवार को सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने प्रदेशभर में तैनात टीमों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने टीमों को बारिश के दौरान आवश्यक उपकरणों के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए। आपातकालीन कॉल पर तत्काल रेस्क्यू करने को कहा गया। नदियों, नालों और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों को भी मौसम और संभावित खतरों के प्रति जागरूक करने को कहा गया। टीमें कंट्रोल रूम को लगातार जानकारी दें। जवानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लाइफ जैकेट, हेलमेट और रोप रेस्क्यू उपकरणों की जांच करने को कहा गया।
भूस्खलन से 78 सड़कें बंद
वहीं अब तक राज्य में दो राज्यमार्ग समेत 78 मार्ग रविवार को बंद रहे। अल्मोड़ा में दो और बागेश्वर में आठ, चमोली में 10 और देहरादून में 12 मार्ग पर आवागमन बंद रहा। नैनीताल में आठ, पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में 19, रुद्रप्रयाग में छह, टिहरी में सात और उत्तरकाशी में तीन मार्ग बंद रहे, इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके साथ ही बारिश से नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी को दोपहर दो बजे, चमोली में अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर का तीन बजे जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी का शाम चार बजे जल स्तर खतरे के निशान से क्रमश: 2.68 और 2.25 मीटर नीचे रह गया था। हरिद्वार में गंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 2.15 मीटर नीच रह गया था।
