मंदिर के अंदर बैठे भगवान सब देख रहे हैं… वही करेंगे न्याय
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गुस्से में रुद्रनाथ धाम के पुजारी
पंचकेदार के चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम (चमोली) के कपाट 17 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होने हैं। कपाट बंद होने से पहले इन दिनों धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही विदेशों से भी श्रद्धालु भगवान रुद्रनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
वीडियो वायरल-रुद्रनाथ धाम के पुजारी का : इसी बीच धाम के मुख्य पुजारी हरिश्चंद्र भट्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह धाम में बढ़ रही अव्यवस्थाओं और कुछ गतिविधियों को लेकर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। पुजारी की नाराजगी का मुख्य कारण धाम की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता को लेकर है। वायरल वीडियो में वह देवताओं के मिलन के दौरान धाम में हो रही गतिविधियों पर सवाल उठाते हैं।
नाराज-मंदिर परिसर में अव्यवस्थाओं से हुए : उनका कहना है कि रुद्रनाथ जैसे पवित्र धाम में होटल खोलने जैसी बातें होना उचित नहीं है। उनका कहना है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और लोगों को धाम की मान्यताओं और परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए।
शराब-मांस के सेवन पर आपत्ति: मुख्य पुजारी का कहना है कि रुद्रनाथ धाम में अनावश्यक भीड़ बढ़ने के साथ व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ रहा है। उनके अनुसार कुछ लोग धाम की मर्यादा के विपरीत शराब और मांस का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने इस तरह की गतिविधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे धाम की पवित्रता प्रभावित होती है।
पुजारी इससे पहले भी रुद्रनाथ में बढ़ती भीड़ और व्यवस्थाओं को लेकर अपनी चिंता जताते रहे हैं। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल की पहचान और परंपराओं को बनाए रखते हुए ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्थाएं की जानी चाहिए।
पुजारी बोले- भगवान शिव स्वयं करेंगे न्याय: वायरल वीडियो में हरिश्चंद्र भट्ट काफी भावुक और नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रनाथ धाम में साक्षात भगवान शिव विराजमान हैं और भगवान स्वयं न्याय करेंगे। उनका कहना है कि धाम में होने वाली गलत गतिविधियों को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसका परिणाम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
श्रद्धालुओं की भीड़ कपाट बंद होने से पहले बढ़ी : रुद्रनाथ धाम के कपाट 17 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होने हैं। इससे पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं। कठिन पैदल मार्ग से होकर श्रद्धालु रुद्रनाथ के दर्शन कर रहे हैं। ऐसे में धाम में बढ़ती भीड़ के बीच धार्मिक मर्यादा, स्वच्छता और व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवाल भी चर्चा में हैं।
प्रशासन को मामले की जानकारी नहीं : अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश के अनुसार इस संबंध में अभी तक उनके पास कोई आधिकारिक जानकारी नहीं पहुंची है. मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। संबंधित स्तर पर तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से जानकारी जुटाए जाने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आखिर पूरा मामला क्या है और इसमें वास्तविक स्थिति क्या है।
फिलहाल प्रशासन ने मामले और उसके कारणों की पुष्टि नहीं की है। दरअसल रविवार 30 अगस्त को रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि घोषित हुई थी। उसी दौरान का ये वीडियो वायरल हो रहा है। यूके समाचार वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
उत्तराखंड में रुद्रनाथ मंदिर कहां है ? यह मंदिर उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। रुद्रनाथ मंदिर पंच केदार में एक है। यहां भगवान शिव के मुख स्वरूप की पूजा की जाती है। यहां पहुंचने के लिए चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के पास स्थित सगर गांव आना पड़ता है। सगर से 20 से 22 किलोमीटर की पैदल यात्रा पहाड़ चढ़कर करनी पड़ती है। यह मंदिर बीकेटीसी यानी बदरी-केदार मंदिर समिति के अंडर में आता है।
