March 8, 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड में आज बंद का आह्वान, कई संगठन निकालेंगे रैली

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Ankita bhadari
  • न्याय के लिए निर्णायक संघर्ष का एलान

उत्तराखंड आंदोलन एवं पर्वतीय मूल के विभिन्न संगठनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय के लिए निर्णायक संघर्ष का एलान किया है। संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर बताया कि वे केवल सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच हो। इस मांग के लिए रविवार को बंद का आह्वान किया है। वहीं देर शाम को मशाल जुलूस निकाला गया।

रुड़की टाॅकीज चौक स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति, चिह्नित आंदोलनकारी संघर्ष समिति, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति, युवा मंच, उत्तराखंड एकता मंच एवं गढ़वाल सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मामले में अब तक कई अहम तथ्य सामने नहीं आ पाए हैं।

उन्होंने वीआईपी की पहचान, उनकी संख्या, रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने के आदेश और भाजपा के पूर्व विधायक व उनकी पत्नी द्वारा किए गए खुलासों की निष्पक्ष जांच की मांग की। आरोप लगाया गया कि सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है। चेतावनी दी गई कि यदि सच्चाई सामने नहीं आई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

वक्ताओं ने जानकारी दी कि 11 जनवरी को सुबह 10:30 बजे बूचड़ी फाटक ढंढेरा से रैली शुरू होगाी जो चंद्रशेखर चौक सिविल लाइंस पर पहुंचेगी। यहां से बाजारों में पहुंचकर बंद का आह्वान करेगी। पत्रकार वार्ता में हर्ष प्रकाश काला, कमला बमौला, राजेंद्र रावत, पूर्ण सिंह विष्ट सहित अन्य मौजूद रहे। वहीं, शनिवार देर शाम शिव चौक, आदर्श शिवाजी नगर समेत विभिन्न हिस्सों में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकाला गया।

कांग्रेस का उत्तराखंड बंद को समर्थन
महानगर कांग्रेस, रुड़की के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने रविवार को होने वाले उत्तराखंड बंद को कांग्रेस का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। सिविल लाइंस स्थित कैंप कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए राजेंद्र चौधरी ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई कांग्रेस शुरू से लड़ रही है और अंत तक जारी रखेगी। कांग्रेस सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने की मांग कर रही है। उन्होंने बताया कि बंद के दौरान कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया जाएगा।

व्यापारियों ने वापस लिया बंद का फैसला
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तीन दिन पहले विभिन्न संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया था। तब इसमें व्यापारी संगठन और टैक्सी यूनियनें भी शामिल थी। मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद कल व्यापारी संगठनों ने उत्तराखंड बंद के आह्वान को वापस ले लिया है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि राज्य भर के बाजार रोजमर्रा की भांति खुले रहेंगे, जिससे कारोबारियों और आम जनता के बीच बनी दुविधा खत्म हो गई है। इसी प्रकार टैक्सी यूनियनों ने भी बंद का ऐलान वापस ले लिया है। इससे साफ है कि आज राज्य में अधिकांश बाजार खुले रहेंगे और सड़कों पर वाहन निर्बाध चलते रहेंगे।

वहीं रुड़की प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड ने उत्तराखंड बंद से अपने को पूरी तरह अलग कर लिया है। प्रांतीय अध्यक्ष अजय गुप्ता, महासचिव नवीन गुलाटी, महानगर अध्यक्ष धीर सिंह एवं प्रदेश संयोजक राम गोपाल कंसल ने बताया कि अंकिता भंडारी के माता-पिता की मांग को स्वीकार करते हुए सीबीआई जांच बैठाई जा चुकी है। ऐसे में बंद का कोई औचित्य नहीं रह गया है। उधर, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, संगठनात्मक जिला रुड़की ने 11 जनवरी 2026 को प्रस्तावित उत्तराखंड बंद से खुद को अलग कर लिया है। जिला अध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकार कर आदेश जारी किए जा चुके हैं इसलिए बंद का अब कोई औचित्य नहीं रह जाता। जिला महामंत्री विभोर अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा द्वारा भी प्रेस वार्ता कर संगठन को बंद से पूर्णतः अलग किए जाने की घोषणा की जा चुकी है।

बंद का निर्णय यथावत: नई टिहरी में भू-भूम्याल जागृति मंच के संयोजक और राज्य आंदोलनकारी मंच, टिहरी के कार्यकारी अध्यक्ष देवेन्द्र नौडियाल ने बताया कि अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बंद का निर्णय यथावत रहेगा। जिसके तहत मंचों के पदाधिकारी सहित स्थानीय व्यापारी सुबह 10:30 से 11 के बीच हनुमान चौक पर एकत्रित होंगे। यहां से शहर के आंतरिक मार्गों से होते हुए बौराड़ी बाजार तक विरोध प्रदर्शन कर जुलूस निकाला जाएगा।

बंद के दौरान कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग के लिए विभिन्न संगठनों की ओर से रविवार को बुलाए गए उत्तराखंड बंद के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। गढ़वाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सबको है लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। उन्होंने कहा कि आम जनमानस की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट से बचने को कहा।

जबरन बाजार बंद कराया तो होगी जेल : एसएसपी
एसएसपी अजय सिंह ने प्रदर्शनकारियों को आगाह किया है कि किसी भी व्यक्ति को जबरदस्ती बाजार बंद कराने या सार्वजनिक परिवहन रोकने की अनुमति नहीं होगी। संवेदनशील क्षेत्रों और बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। शांतिभंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के बाद कई बड़े व्यापार मंडल, टैक्सी और बस यूनियनों ने बंद को समर्थन न देने का फैसला किया है। इन संगठनों ने अपने प्रतिष्ठान और वाहन सुचारू रूप से चलाने का निर्णय लिया है। साथ ही संभावित व्यवधान को देखते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।

देहरादून में मशाल जुलूस
इससे पहले अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले शनिवार को सामाजिक संगठन और तमाम लोग शनिवार शाम देहरादून के गांधी पार्क के बाहर एकत्र हुए। यहां से शहीद स्मारक कचहरी तक मशाल जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने वीआईपी का पता नहीं लगने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कमला पंत, गरिमा दसौनी मौजूद थे। उधर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रवासी उत्तराखंडी संगठनों ने सीबीआई जांच की संस्तुति को सकारात्मक कदम बताया है। साथ ही इस जांच को सुप्रीम कोर्ट के किसी सिटिंग जज की देखरेख में कराए जाने की मांग की है।

 

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