पंकजा मुंडे के राजनीतिक भविष्य पर बढ़ी चर्चा, कांग्रेस नेता बोले- भाजपा छोड़ें, पहली ओबीसी महिला सीएम बनाने में करेंगे सहयोग
नई दिल्ली । महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में उस समय एक नया मोड़ देखने को मिला, जब राज्य सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता पंकजा मुंडे को विपक्षी खेमे से एक बड़ा राजनीतिक प्रस्ताव मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यदि पंकजा मुंडे भाजपा का साथ छोड़ने का मन बनाती हैं, तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दल उन्हें महाराष्ट्र की पहली ओबीसी महिला मुख्यमंत्री के रूप में समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं। यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब पंकजा मुंडे ने हाल ही में सार्वजनिक मंच से अपने संन्यास के संकेत दिए थे।
विजय वडेट्टीवार ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि पंकजा मुंडे राज्य की एक कद्दावर ओबीसी नेता हैं और उन्हें इतनी जल्दी सार्वजनिक जीवन से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वे भाजपा त्यागती हैं, तो वे व्यक्तिगत रूप से पार्टी के शीर्ष कमान से सिफारिश करेंगे कि उन्हें कांग्रेस में ससम्मान शामिल किया जाए। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि यह उनका अपना निजी दृष्टिकोण है और इसे पार्टी का औपचारिक अधिकारिक निमंत्रण नहीं समझा जाना चाहिए, क्योंकि इस विषय पर अंतिम मोहर केंद्रीय नेतृत्व ही लगाएगा।
कांग्रेस नेता ने इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल में पिछड़ा वर्ग के प्रमुख चेहरों को हाशिये पर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं में उपेक्षा को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है, क्योंकि उनकी निष्ठा और जनाधार को उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है। वडेट्टीवार के अनुसार, पंकजा मुंडे की हालिया भावुक टिप्पणी इसी अंदरूनी घुटन और उपेक्षा का परिणाम मानी जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि पंकजा मुंडे ने बीते दिनों अपने गृहांचल पारली में बुनियादी विकास और सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। उन्होंने कहा था कि निरंतर प्रयासों के बावजूद क्षेत्र की स्थिति में अपेक्षित सुधार न होना उनके लिए निराशाजनक है। इसी क्रम में उन्होंने यह टिप्पणी की थी कि वे मौजूदा राजनीतिक ढर्रे से थक चुकी हैं और राजनीति को अलविदा कहने पर विचार कर रही हैं, यद्यपि उन्होंने यह भी जोड़ा था कि उन्होंने इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
पंकजा मुंडे के इस बयान के बाद राज्य के सियासी गलियारों में कयासों का दौर बेहद तेज हो गया। मध्य प्रदेश समेत देशभर के राजनीतिक विश्लेषक महाराष्ट्र में बन रहे इस नए घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। विपक्ष के कई अन्य नेताओं ने भी उनकी स्थिति पर सहानुभूति प्रकट करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
इस बीच, कांग्रेस नेता के इस लुभावने ऑफर पर पंकजा मुंडे या उनके करीबी सूत्रों की तरफ से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। दूसरी ओर, भाजपा संगठन ने भी इस सियासी बयानबाज़ी पर फिलहाल अपनी चुप्पी बरकरार रखी है। जानकारों का मानना है कि आगामी चुनाव से ठीक पहले इस प्रकार की हलचल महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों को नया आकार दे सकती है। अब सभी की निगाहें पंकजा मुंडे के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
