शिवपुरी में सिंध नदी का गहरा पानी बना काल 14 साल के सौरभ की तलाश 18 घंटे बाद हुई खत्म
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को ऋषिपंचमी के अवसर पर बिजरौनी गांव की कुछ महिलाएं सिंध नदी के किनारे पूजा और स्नान करने पहुंची थीं। उनके साथ परिवार के बच्चे भी मौजूद थे। सौरभ भी अपनी मां के साथ नदी पर गया था। महिलाएं नदी किनारे पूजा की तैयारी में जुटी थीं इसी दौरान सौरभ नहाने के लिए नदी के पानी में उतर गया। देखते ही देखते वह गहरे पानी की तरफ चला गया और डूब गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण तत्काल उसका पता नहीं चल सका।
घटना की सूचना मिलते ही इंदार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीईआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मंगलवार दोपहर से नदी में सौरभ की तलाश शुरू कर दी। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने नदी के आसपास काफी देर तक तलाश की लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। शाम होने के बाद अंधेरा बढ़ गया जिसके चलते रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। इसके बाद बुधवार सुबह दोबारा तलाश शुरू करने का फैसला लिया गया।
बुधवार सुबह करीब 4 बजे सौरभ के परिजन और गांव के लोग फिर नदी के किनारे पहुंच गए। ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर नदी में बच्चे की तलाश शुरू कर दी। कई घंटे की कोशिश के बाद सुबह करीब 8 बजे घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर नदी के पानी में सौरभ का शव दिखाई दिया। शव को बाहर निकाला गया और पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
सौरभ की मौत के बाद ग्रामीणों में सिंध नदी में कथित अवैध रेत खनन को लेकर भी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से रेत निकालने के लिए कई जगह गहरे गड्ढे बनाए गए हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है और वे सामान्य नदी के तल से अलग नजर नहीं आते। ऐसे में नदी में नहाने वाले लोगों को पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं हो पाता। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के गहरे गड्ढे हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं।
पुलिस ने शव बरामद करने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सौरभ की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं बिजरौनी गांव में भी शोक का माहौल है। ऋषिपंचमी के दिन मां के साथ पूजा के लिए नदी पर गया सौरभ वापस घर नहीं लौट सका। करीब 18 घंटे की तलाश के बाद उसका शव मिलने से परिवार की उम्मीदें भी टूट गईं।
