September 16, 2026

ओवैसी की चुनौती पर रामेश्वर शर्मा का जवाब काजी कैंप और UCC को लेकर फिर आमने सामने आए दोनों नेता

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भोपाल । AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भोपाल में दिए गए बयान के बाद भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है। ओवैसी ने मंगलवार को भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में आयोजित UCC विरोधी सभा के दौरान रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप में मिसाइल लॉन्च करने वाले बयान का जिक्र किया था। उन्होंने विधायक को काजी कैंप आने की चुनौती दी थी। इसके बाद बुधवार को रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने पुराने बयान पर कायम रहने की बात कही।

रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी को संबोधित करते हुए कहा कि अगर वह बैरिस्टर हैं तो उन्हें बदतमीजी की भाषा छोड़ देनी चाहिए। इसके बाद विधायक ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए ओवैसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के वैज्ञानिकों की ओर से तैयार की गई मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय सेना ने किया और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। शर्मा ने दावा किया कि आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े ठिकानों के खिलाफ भारत की मिसाइल कार्रवाई जारी रहेगी।

विधायक ने कहा कि मिसाइल चलती थी और मिसाइल चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि जहां आतंकवाद के कैंप होंगे और जहां भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े कैंप होंगे वहां भारत की मिसाइल तैयार है। शर्मा ने कहा कि वह अपने पहले दिए गए बयान पर कल भी कायम थे और आज भी कायम हैं। उन्होंने ओवैसी को पूरा भाषण सुनने की बात कहते हुए कहा कि अगर उन्हें आपत्ति है तो वह वकील होने के नाते इसे अदालत में ले जा सकते हैं।

इसके बाद रामेश्वर शर्मा ने समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर भी ओवैसी के बयान पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल हिंदुओं से वोट मांगते हैं तो हिंदुओं से जुड़े कानूनों को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं। उन्होंने UCC को लेकर अपनी पार्टी के समर्थन की बात दोहराई और कहा कि मध्यप्रदेश में UCC लागू हो चुका है। शर्मा ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू होने की बात कही है।

ओवैसी ने भोपाल में आयोजित अपनी सभा में UCC को लेकर अलग रुख रखा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि मध्यप्रदेश में आदिवासी समुदाय को उनकी संस्कृति परंपरा और धार्मिक पहचान के कारण UCC से बाहर रखा गया है तो मुसलमानों को इसके दायरे में क्यों शामिल किया गया। उन्होंने UCC के जरिए RSS का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया था। ओवैसी ने धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान में दिए गए अधिकारों का भी हवाला दिया था।

इस तरह भोपाल में UCC को लेकर दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर ओवैसी UCC के प्रावधानों और इसके दायरे को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो दूसरी ओर रामेश्वर शर्मा इसे लागू करने के समर्थन में अपना पक्ष रख रहे हैं। मिसाइल संबंधी पुराने बयान को लेकर ओवैसी की चुनौती के बाद शर्मा के जवाब ने इस राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।

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