रात में अचानक ढहा 100 साल पुराना मकान, मलबे में बुजुर्ग-बच्चों समेत 10 लोग फंसे, मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक जिस मकान में यह हादसा हुआ वह करीब 80 से 100 साल पुराना बताया जा रहा है। मकान का अगला हिस्सा काफी समय से जर्जर हालत में था। सोमवार रात अचानक इसका एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। मलबा गिरने के बाद मकान से बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। अंदर मौजूद लोगों के लिए स्थिति मुश्किल हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी जिसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा।
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती मकान तक पहुंचने का रास्ता था। मकान जिस गली में स्थित है वह काफी संकरी है। इसके कारण बचाव दल और मशीनों को अंदर ले जाने में परेशानी हुई। स्थिति को देखते हुए सबसे पहले आसपास की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई ताकि टूटे हुए हिस्से और मलबे के बीच किसी तरह के शॉर्ट सर्किट का खतरा न रहे। इसके बाद नगर निगम की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।
संकरी गली के कारण जेसीबी मशीन को भी मौके तक पहुंचाने में काफी मुश्किल हुई। रेस्क्यू टीम ने मकान से बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का फैसला किया। इसके लिए बाड़े की पिछली दीवार को तोड़ा गया। रास्ता बनने के बाद बचाव दल अंदर पहुंच सका और एक एक करके फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान के बाद बुजुर्गों महिलाओं और बच्चों समेत सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मकान में रहने वाले चंदन सिंह ने बताया कि उनके अलावा लाल सिंह विक्रम सिंह और ईश्वर सिंह के परिवार भी इसी बाड़े में रहते हैं। मकान का अगला हिस्सा गिरने के बाद बाहर जाने का रास्ता बंद हो गया था। अंदर मौजूद परिवारों में बुजुर्गों और बच्चों के होने के कारण चिंता और बढ़ गई थी। राहत दल की मदद से सभी को बाहर निकाला गया।
घटना की जानकारी मिलने पर नगर निगम के अपर आयुक्त सौरभ सिंह भी मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात तक मकान का मलबा हटाने का काम जारी रहा। प्रशासन की ओर से आसपास के हिस्से की स्थिति का भी जायजा लिया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तिलक वार्ड में बड़ी संख्या में पुराने और जर्जर मकान मौजूद हैं। इनमें कई मकान 70 से 100 साल पुराने बताए जाते हैं। बारिश के बाद ऐसे मकानों की स्थिति और कमजोर होने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि जर्जर मकानों को लेकर पहले भी नगर निगम से शिकायतें की गई हैं।
अपर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि नगर निगम अब अभियान चलाकर जर्जर मकानों को चिन्हित करेगा। जरूरत के अनुसार ऐसे मकानों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की आशंका को कम किया जा सके।
