September 16, 2026

पिता की संदिग्ध मौत का था बदला लेना 21 अगस्त की रात फूफा की हत्या अब पुलिस ने दबोचा आरोपी

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शिवपुरी । शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने मोहर सिंह रावत की हत्या के आरोप में उनके भतीजे दिलीप रावत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को शक था कि करीब 7 से 8 साल पहले उसके पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के पीछे उसके फूफा मोहर सिंह रावत का हाथ था। इसी बात को लेकर उसके मन में लंबे समय से नाराजगी थी। पुलिस का कहना है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते दिलीप ने हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

घटना 21 अगस्त की रात रातीकिरार पुलिया के पास हुई। पुलिस के अनुसार दिलीप ने शराब के नशे में मोहर सिंह के साथ मारपीट की। इसके बाद पत्थर से उनके सिर पर हमला किया जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने शव को सड़क से नीचे ले जाकर छिपाने की कोशिश भी की। हालांकि वह ज्यादा नशे में था और शव को अधिक दूर तक नहीं ले जा सका। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

22 अगस्त को जाफरपुर निवासी मिथुन रावत ने सिरसौद थाने में अपने पिता मोहर सिंह के लापता होने की सूचना दी। परिवार के मुताबिक मोहर सिंह 21 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे अपने भतीजे दिलीप के साथ शिवपुरी से छिमछिमा मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। इसी बीच गांव के युवक दुर्वेन्द्र रावत ने परिजनों को जानकारी दी कि मोहर सिंह रातीकिरार पुलिया के पास पड़े हुए हैं। परिवार के लोग तुरंत वहां पहुंचे तो मोहर सिंह मृत अवस्था में मिले।

मामले की जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और सिर बुरी तरह कुचला गया था। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल और साइबर सेल की मदद ली। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस का शक मोहर सिंह के भतीजे दिलीप रावत पर गहराता गया।

पुलिस के मुताबिक इसी दौरान दिलीप गांव छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। 14 सितंबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दिलीप को शिवपुरी में पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी मथुरा से शिवपुरी की ओर आ रहा था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने कथित तौर पर वारदात और हत्या की वजह के बारे में जानकारी दी।

पूछताछ में सामने आया कि दिलीप के पिता प्रीतम रावत की करीब 7 से 8 साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। यह मौत उसकी बुआ के घर यानी मोहर सिंह के घर पर हुई थी। दिलीप को लंबे समय से शक था कि उसके पिता की मौत के लिए मोहर सिंह जिम्मेदार थे। इसी शक और पुरानी रंजिश को लेकर उसके मन में फूफा के खिलाफ गुस्सा बना हुआ था।

पुलिस के अनुसार 21 अगस्त की रात शराब के नशे में उसने मोहर सिंह के साथ मारपीट की और पत्थर से सिर पर हमला कर दिया। बाद में शव को ठिकाने लगाने के लिए दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा और उसे घसीटकर सड़क से नीचे ले जाने की कोशिश की। लेकिन नशे की हालत में वह सफल नहीं हो सका और मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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