October 6, 2026

भारत के सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियां सितंबर में तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचीं, पीएमआई बढ़कर 55.2 रहा

0
17-1791279141
नई दिल्ली ।भारत के सर्विसेज सेक्टर में सितंबर के दौरान गतिविधियों में तेजी देखने को मिली और पीएमआई तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। सितंबर में सर्विसेज पीएमआई बढ़कर 55.2 रहा, जबकि अगस्त में यह 54.1 पर था। यह जून के बाद पीएमआई का सबसे ऊंचा स्तर है। आंकड़ों के मुताबिक, सेवा क्षेत्र में गतिविधियों को मजबूत घरेलू मांग और नए ऑर्डर्स में तेज बढ़ोतरी से समर्थन मिला।

सितंबर में नए बिजनेस में पिछले तीन महीनों की तुलना में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। कंपनियों को डिजिटल समाधान, खाने-पीने की चीजों, इंश्योरेंस, लोन, सॉफ्टवेयर, ट्रांसपोर्टेशन और टूर-एंड-ट्रैवल जैसी सेवाओं के लिए ज्यादा मांग मिली। फाइनेंस, इंश्योरेंस और कंज्यूमर सर्विस सेक्टर में बिक्री में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे सेवा क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियों को सितंबर में बेहतर गति मिली।

सितंबर के दौरान भारतीय सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में भी सुधार दर्ज किया गया। कंपनियों ने जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, यूके और अमेरिका से बेहतर कारोबार मिलने की जानकारी दी। हालांकि नए निर्यात बिजनेस में बढ़ोतरी की रफ्तार अगस्त की तुलना में धीमी रही। इसके बावजूद बेहतर ऑर्डर बुक और पाइपलाइन में मौजूद प्रोजेक्ट्स ने कंपनियों को कारोबार बढ़ाने और अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए प्रोत्साहित किया।

रोजगार के मोर्चे पर भी सेवा क्षेत्र में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर में नौकरियों में वृद्धि की रफ्तार ठीक-ठाक रही, हालांकि रोजगार पैदा होने की दर अगस्त के मुकाबले थोड़ी कम रही। कंपनियों के पास मौजूद ऑर्डर्स और आगे आने वाले प्रोजेक्ट्स के कारण कर्मचारियों की जरूरत बनी रही। इस तरह नए कारोबार में बढ़ोतरी के साथ रोजगार में भी वृद्धि का सिलसिला जारी रहा।

इनपुट लागत के मोर्चे पर सेवा कंपनियों को कुछ राहत मिली। सितंबर में इनपुट कीमतों में महंगाई नवंबर 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई। लागत दबाव कम होने से सर्विस प्रोवाइडर्स पर अपनी बिक्री कीमतें बढ़ाने की जरूरत भी कम हुई। घरेलू मांग में मजबूती के बीच लागत दबाव में कमी ने सेवा कंपनियों के लिए कारोबारी परिस्थितियों को कुछ बेहतर बनाया।

भारत में सेवा क्षेत्र की मजबूती को लेकर अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि पीएमआई सर्वेक्षण से घरेलू मांग बढ़ने के कारण सर्विस सेक्टर में लगातार सुधार का संकेत मिलता है। उनके मुताबिक, निर्यात कारोबार में भी वृद्धि जारी रही, हालांकि उसकी रफ्तार धीमी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि सितंबर में इनपुट लागत का दबाव कम रहने से सेवा प्रदाताओं को बिक्री कीमतों में बढ़ोतरी की जरूरत कम पड़ी।

हालांकि मासिक स्तर पर सितंबर का प्रदर्शन बेहतर रहा, लेकिन जुलाई-सितंबर तिमाही में सर्विसेज पीएमआई का औसत पिछली तिमाही की तुलना में कम रहा। इस तिमाही ने मार्च 2022 को समाप्त हुई तिमाही के बाद से अपना सबसे कमजोर तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया। दूसरी ओर, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों को शामिल करने वाला एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अगस्त के 54.3 से बढ़कर सितंबर में 55.9 हो गया। इससे सितंबर में निजी क्षेत्र की कुल कारोबारी गतिविधियों में बढ़ोतरी का संकेत मिला।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *