October 2, 2026

तीन दिन की गर्मी और उमस के बाद MP में फिर बारिश का दौर 12 जिलों में अलर्ट बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलेगा मौसम

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भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। जबलपुर रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 12 सितंबर से इंदौर नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इससे पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को सतना रीवा मऊगंज सीधी मैहर शहडोल डिंडौरी अनूपपुर मंडला बालाघाट सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में कहीं धूप तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच मंदसौर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा समेत कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

पिछले तीन दिनों से प्रदेश में भारी बारिश का दौर थमा हुआ था। इसके चलते कई शहरों में तेज धूप निकलने लगी थी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। भोपाल समेत इंदौर उज्जैन ग्वालियर और जबलपुर में भी दिन के समय गर्मी का असर दिखाई दिया। हालांकि अब मौसम का मिजाज फिर बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र मानसून ट्रफ और पश्चिमी हिस्से में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में अब तक करीब 795.3 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक लगभग 862.5 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 2.6 इंच कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब 2 प्रतिशत जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 13 प्रतिशत बताई गई है।

प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी अभी भी बनी हुई है। वहीं कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। अनूपपुर छतरपुर मैहर मऊगंज निवाड़ी पन्ना सतना शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया समेत कई जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। भोपाल बुरहानपुर दतिया गुना ग्वालियर खरगोन राजगढ़ श्योपुर और शिवपुरी जैसे जिलों में भी बारिश सामान्य से अधिक रही है।

इस सीजन की शुरुआत में जून में बारिश की कमी ने प्रदेश के आंकड़ों को प्रभावित किया था। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश होने से स्थिति में सुधार आया। हालांकि मानसून में कई बार ब्रेक आने के कारण जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अब सितंबर में सक्रिय हो रहे नए सिस्टम से बारिश के आंकड़ों में और सुधार की उम्मीद है।

भोपाल में भी सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। राजधानी में सितंबर महीने की औसत बारिश करीब 7 इंच मानी जाती है। पिछले कई वर्षों में सितंबर के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश भी दर्ज होती रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला फिर तेज हो सकता है।

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