September 11, 2026

ब्रिक्स समिट में भाग नहीं लेगा बांग्लादेश… PM तारिक रहमान को न्योता नहीं मिलने का दिया हवाला

0
000000000-1789105119

ढाका।
बांग्लादेश (Bangladesh) ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के आउटरीच सेशन में प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Prime Minister Tariq Rahman) के शामिल होने का न्योता ठुकरा दिया है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत तौर पर इस बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, बल्कि यह न्योता BIMSTEC के मौजूदा चेयर को दिया गया था।

बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में साफ किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के BRICS समिट में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री को आमंत्रित ही नहीं किया गया, तो सरकार की ओर से किसी प्रतिनिधि को भेजने की भी कोई वजह नहीं है।


‘हमारे PM को किसने बुलाया? BIMSTEC चेयर को न्योता मिला था’

हुमायूं कबीर ने कहा, “हम कैसे जाएंगे? क्या बांग्लादेश सरकार से किसी को आमंत्रित किया गया है? हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया था।” जब उनसे पूछा गया कि प्रधानमंत्री को न्योता दिए जाने की बात क्यों कही जा रही है, तो उन्होंने जवाब दिया, “आपको किसने बताया कि हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया गया था? BIMSTEC चेयर को आमंत्रित किया गया था। फिर आप यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं?”

BRICS समिट का आउटरीच सेशन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होना है। इसमें सदस्य और साझेदार देशों के नेताओं के साथ आउटरीच के लिए आमंत्रित किए गए नेता भी शामिल होंगे।


भारत ने क्या कहा था?

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को BIMSTEC के मौजूदा चेयर के तौर पर 18वें BRICS समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। जायसवाल ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री के लिए एक अलग द्विपक्षीय निमंत्रण फरवरी से ही मौजूद है।

बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि तारिक रहमान की भारत की पहली यात्रा बहुपक्षीय यात्रा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सरकार भारत के साथ प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय यात्रा की व्यवस्था करने पर काम कर रही है और इसके लिए उचित समय का इंतजार किया जा रहा है।


भारत-बांग्लादेश रिश्तों में तनाव के बीच आया फैसला

बांग्लादेश का यह फैसला ऐसे समय आया है जब नई दिल्ली और ढाका के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। इसकी वजहों में भारत में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदगी, उनके प्रत्यर्पण की मांग और पानी के बंटवारे से जुड़े समझौतों समेत कुछ अन्य लंबित मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा बांग्लादेश की चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकी को भी दोनों देशों के रिश्तों में तनाव के संदर्भ में बताया गया है।

फरवरी में भारत ने भेजे थे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला
भारत ने 17 फरवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बांग्लादेश भेजा था। वह 12 फरवरी के आम चुनाव के बाद तारिक रहमान की BNP सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। ओम बिरला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तारिक रहमान के लिए एक पत्र भी लेकर गए थे। इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बांग्लादेशी समकक्ष को बधाई दी थी और उन्हें पत्नी तथा बेटी के साथ भारत आने का निमंत्रण दिया था।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *