November 3, 2026

धनतेरस पर ग्रामीण परिवारों को सरकार का बड़ा तोहफा, जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगी संपत्तियों की रजिस्ट्री, कलेक्टरों को अलर्ट रहने के निर्देश

0
untitled-1793692803

भोपाल । मध्यप्रदेश में धनतेरस के अवसर पर ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व योजना का लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। इस बार त्योहार के मौके पर प्रदेश के मंत्री सांसद और विधायक गांवों में पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी में पात्र परिवारों की संपत्तियों की रजिस्ट्री कराई जाएगी। सरकार ने चयनित गांव में एक ही दिन के भीतर 100 प्रतिशत रजिस्ट्री का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद राजस्व विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन को अभियान की तैयारियां समय रहते पूरी करने के लिए कहा गया है।

धनतेरस पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा काम

राजस्व विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 के तहत यह विशेष व्यवस्था की जा रही है। धनतेरस के दिन प्रदेश के मंत्री सांसद और विधायक अपने पैतृक गांव या अपनी पसंद के किसी एक गांव में पहुंचेंगे। वहां उनकी मौजूदगी में पात्र परिवारों की संपत्तियों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को उनके मकान और संपत्ति का कानूनी अधिकार मिल सके। इसके लिए चयनित गांवों में सभी पात्र परिवारों को योजना के दायरे में लाने पर जोर दिया जा रहा है।

कलेक्टरों को जनप्रतिनिधियों से समन्वय करने के निर्देश

राजस्व विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित मंत्री सांसद और विधायकों से तत्काल संपर्क कर उनके पैतृक या इच्छित गांव का चयन करें। इसके बाद गांव में पात्र परिवारों की संख्या और रजिस्ट्री की स्थिति का आकलन किया जाए। प्रशासन को ऐसी कार्ययोजना तैयार करनी होगी जिससे धनतेरस के दिन एक ही गांव में अधिकतम पात्र परिवारों की रजिस्ट्री का काम पूरा हो सके। शासन ने इस अभियान को प्राथमिकता में रखते हुए तय समय सीमा में सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने को कहा है।

राजस्व अमले की लगाई जाएगी विशेष ड्यूटी

अभियान को सफल बनाने के लिए राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सक्रिय किया जा रहा है। सभी जिलों में राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों तहसीलदारों और पटवारियों को धनतेरस के अवसर पर ड्यूटी के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। चयनित गांवों में हितग्राहियों की जानकारी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच पहले से करने पर जोर दिया गया है। इससे रजिस्ट्री के दिन किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो और प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

शासन को भेजनी होगी पूरी रिपोर्ट

राजस्व विभाग ने कलेक्टरों से चयनित गांवों की सूची हितग्राहियों की संख्या और अभियान की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजने के लिए कहा है। इसके साथ ही अभियान की प्रगति का प्रतिवेदन भी उपलब्ध कराना होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्री पूरी होने के बाद पंजीकृत अभिलेखों के वितरण को लेकर अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्र में रहने वाले पात्र परिवारों को उनकी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। इससे लोगों को अपने मकान और जमीन पर मालिकाना अधिकार का प्रमाण मिलता है। जरूरत पड़ने पर वे संपत्ति से जुड़े अधिकारों का उपयोग भी कर सकते हैं। धनतेरस पर प्रस्तावित यह अभियान ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि इसका वास्तविक लाभ चयनित गांवों में पात्रता और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *