BRICS सम्मेलन में आज सजेगा संस्कृति का महाकुंभ, 125 कलाकार दिखाएंगे मध्य प्रदेश की गौरवगाथा; सांची यात्रा और संस्कृति मंत्रियों की बैठक कल
कार्यक्रम की शुरुआत सर्वे भवन्तु सुखिनः के मंगल आह्वान से होगी। इसके बाद कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक के माध्यम से हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा प्रस्तुत की जाएगी। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण BRICS पीस सॉन्ग पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड रहेगा। इसके जरिए विभिन्न BRICS देशों की संगीत विरासत और शांति के साझा संदेश को सुरों के माध्यम से सामने रखा जाएगा। बेलारूस ब्राजील चीन मिस्र इथियोपिया इंडोनेशिया ईरान रूस सऊदी अरब दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की संगीत परंपराओं को भी इस आयोजन में स्थान मिलेगा। पीस टू ऑल हार्मनी टू ऑल और क्रेस्केंडो ऑफ यूनिटी जैसी आर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां कार्यक्रम को और खास बनाएंगी।
शाम का दूसरा बड़ा आकर्षण मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को समर्पित अमृतस्य मध्य प्रदेश एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा होगी। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से अधिक कलाकार इस भव्य प्रस्तुति के जरिए प्रदेश की ऐतिहासिक आध्यात्मिक और लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत करेंगे। प्रस्तुति की शुरुआत ॐ की अनादि ध्वनि से होगी और इसके बाद भीमबेटका सांची और खजुराहो की विश्व धरोहर से लेकर चित्रकूट के राम पथ गमन और उज्जैन की कृष्ण लीला तक मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक यात्रा दिखाई जाएगी।
ग्वालियर ओरछा और मांडू के ऐतिहासिक किलों की गाथा के साथ महेश्वरी और चंदेरी के प्रसिद्ध वस्त्र शिल्प तथा बैगा मटकी और बधाई जैसे लोक नृत्यों की झलक भी देखने को मिलेगी। भोपाल की झीलों उज्जैन के बाबा महाकाल ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की महाआरती के जरिए प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दौरान अतिथियों को सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक निमंत्रण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रात्रिभोज का आयोजन होगा जिसमें मेहमानों को प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी मिलेगा।
8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इसमें सांस्कृतिक विरासत संग्रहालय रचनात्मक अर्थव्यवस्था सांस्कृतिक आदान प्रदान क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। बैठक के अंत में BRICS संस्कृति मंत्रियों की घोषणा अपनाई जाएगी जिसमें भविष्य के सांस्कृतिक सहयोग का रोडमैप तय होगा।
इसके बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल सांची पहुंचेगा जहां विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप और बौद्ध विरासत का अवलोकन किया जाएगा। प्रतिनिधियों के लिए चेतियागिरी मंदिर दर्शन योग और ध्यान सत्र के साथ 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो भी आयोजित किया जाएगा। 9 अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रय का वैकल्पिक भ्रमण रखा गया है। इस तरह भोपाल का BRICS सम्मेलन केवल बैठकों तक सीमित न रहकर भारत और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का बड़ा अवसर बन रहा है।
