हरीश रावत का ‘लाठी’ वाला बयान और शुरु हो गया सियासी घमासान
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भाजपा बोली- कांग्रेस लाठी लाएगी तो हम फूल देंगे
जाने-अनजाने नेताओं के मुंह से कई बार कोई ऐसी बात निकल जाती है, जो विवाद का कारण बन जाती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत इन दिनों धन्यवाद और जन संवाद यात्रा पर निकले हैं। एक तो कांग्रेस का पार्टी हाईकमान उनकी इस यात्रा से नाराज है। दूसरी तरफ मंगलवार को किच्छा पहुंचने पर हरीश रावत कुछ ऐसा कह बैठे जिसने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है।
एक बयान पर सियासी घमासान
किच्छा में नगर पालिका चुनाव की मतगणना से पहले सियासत गरमा गई है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि- मतगणना के दिन छोटी-छोटी लाठियां लेकर पहुंचें। हमें आशंका है कि कहीं भाजपा चुनावी जीत को लूट न ले।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस लाठी वाले बयान ने सामने आते ही प्रदेश का राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। कारण लाठी वाले बयान में रावत ने आशंका जताई कि कहीं भाजपा चुनावी जीत को लूटने का प्रयास न करे।
इस पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस खुद को गांधीवादी बताती है, लेकिन उसके नेता कार्यकर्ताओं से लाठी लेकर आने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस लाठी लेकर आएगी तो भाजपा कार्यकर्ता फूल लेकर जाएंगे।
दोनों तरफ से आए इस तरह के बयानों के बाद मतगणना से पहले किच्छा में ‘लाठी बनाम फूल’ की सियासत पर हर ओर चर्चा हो रही है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो जहां एक तरफ किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लाठी वाले बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। चुनावी नतीजों से पहले सामने आए इस बयान ने स्थानीय सियासत में हलचल बढ़ा दी है।
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कांग्रेस की गांधीवादी विचारधारा पर सवाल
हरीश रावत के बयान पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस खुद को गांधीवादी विचारधारा वाला दल बताती है, लेकिन उसके नेता कार्यकर्ताओं से लाठी लेकर मतगणना स्थल पर पहुंचने की अपील कर रहे हैं।
मतगणना को प्रभावित करने की चाल!
राजेश शुक्ला ने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लाठी लेकर मतगणना के दिन पहुंचने की जरूरत क्यों पड़ रही है. उन्होंने कहा कि मतगणना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाना चाहिए. भाजपा की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि क्या इस तरह की अपील से मतगणना की प्रक्रिया प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
लाठी के सामने फूल
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस कार्यकर्ता लाठी लेकर आएंगे तो भाजपा कार्यकर्ता फूल लेकर जाएंगे। इसी बयान के बाद किच्छा की सियासत में ‘लाठी बनाम फूल’ की चर्चा शुरू हो गई है।

आज है मतगणना
किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर प्रशासन और पुलिस पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है। मतगणना केंद्रों पर भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से मतगणना को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की गई है।
ऐसे में नेताओं के बीच जारी बयानबाजी के चलते चुनावी परिणाम आने से पहले ही ने राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। एक तरफ जहां चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का लाठी वाला बयान है, तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा का ‘फूल लेकर जाने’ वाला पलटवार सुर्खियां बटोर रहा है। अब मतगणना के दिन दोनों दलों के कार्यकर्ताओं का रुख और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण रहेगी।
