PHE में फाइलों की खींचतान से ठप हुआ भुगतान ठेकेदारों ने ढोल नगाड़ों के साथ किया प्रदर्शन अब बिल लगाने के निर्देश
इस पूरे मामले में विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच फाइलों के मूवमेंट को लेकर चल रहा विवाद भी सामने आया है। प्रमुख अभियंता संजय अंधवान और अपर संचालक वित्त अंजू सिंह के बीच वित्तीय फाइलों को लेकर टकराव की स्थिति बताई जा रही है। इसी वजह से भुगतान से जुड़ी कई फाइलों की प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आई है। अधिकारियों के बीच फाइलों को लेकर खींचतान का असर ठेकेदारों के भुगतान पर पड़ा और जून 2026 से लगाए गए कई बिल अब तक लंबित बताए जा रहे हैं।
अपर संचालक वित्त अंजू सिंह की विभाग में करीब दो महीने पहले पदस्थापना हुई थी। इसके बाद उन्होंने भुगतान से जुड़ी फाइलों को लेकर अधीनस्थ कर्मचारियों और बाद में PHE के ईएनसी से स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद दोनों अधिकारियों के बीच मतभेद की स्थिति सामने आई। विभाग की ओर से इसी महीने अपर संचालक वित्त को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
नोटिस में एसएनएस स्पर्श प्रणाली के जरिए होने वाले भुगतान की प्रगति का भी उल्लेख किया गया। इसमें कहा गया कि 5 सितंबर को अपर मुख्य सचिव ने भुगतान व्यवस्था की समीक्षा की थी। जिलों से मांग आने के बावजूद समय पर राशि जारी नहीं होने से भुगतान में देरी की बात नोटिस में कही गई। न्यायालयीन मामलों में गणना पत्रक के सत्यापन और अनुमोदन से जुड़ी प्रक्रिया में देरी का भी उल्लेख किया गया और तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया था।
दूसरी ओर अपर संचालक वित्त की ओर से भी फाइलों के संचालन को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। उनकी ओर से ई फाइल में भुगतान प्रक्रिया और बजट आवंटन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कुछ फाइलों में वित्तीय पोर्टल के इस्तेमाल और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
प्रदर्शन के बाद अब ठेकेदारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जल निगम के एमडी वीएस चौधरी कोलसानी ने कहा कि विभाग के पास बजट उपलब्ध है और जिन ठेकेदारों के बिल लंबित हैं उनके बिल लगाए जाएं ताकि भुगतान की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अपर संचालक वित्त और ईएनसी के बीच फाइलों के मूवमेंट को लेकर टकराव की स्थिति है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब नजर इस बात पर है कि लंबित बिलों की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है। ठेकेदारों का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि विभागीय स्तर पर वित्तीय फाइलों की प्रक्रिया में देरी का सीधा असर काम करने वाले ठेकेदारों के भुगतान पर पड़ रहा है। अब विभाग के सामने चुनौती लंबित बिलों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की भी है।
