हॉकी के मैदान पर भोपाल रचेगा नया इतिहास, 6 देशों के खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम, खेल के साथ जनजातीय संस्कृति का होगा भव्य संगम
इस आयोजन में खेल के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परिसर में विशेष ट्राइबल फूड और आर्ट स्टॉल लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से जनजातीय समाज के पारंपरिक खानपान लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और दर्शक मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से भी परिचित हो सकेंगे। इस तरह यह प्रतियोगिता केवल हॉकी तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि प्रदेश के पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने का अवसर भी बनेगी।
मध्यप्रदेश में हॉकी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मंत्री सारंग के मुताबिक प्रदेश में 27 हॉकी फीडर सेंटर और 13 खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर संचालित हैं। इसके अलावा 22 हॉकी एस्ट्रोटर्फ पर खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे हैं जबकि सात नए एस्ट्रोटर्फ का निर्माण जारी है। भोपाल को हॉकी की नर्सरी माना जाता है और यहां से कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है।
प्रदेश की महिला हॉकी खिलाड़ियों की उपलब्धियां भी इस खेल आधार को मजबूत करती हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश की महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 18 स्वर्ण 11 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 36 पदक जीते हैं। वहीं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 74 स्वर्ण 34 रजत और 33 कांस्य सहित 141 पदक हासिल किए हैं। इस तरह खिलाड़ियों के नाम कुल 177 पदक दर्ज हैं। प्रदेश की तीन महिला हॉकी खिलाड़ियों ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की सात महिला खिलाड़ी ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
सरकार का लक्ष्य खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसी पहल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। एशियन वुमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी भोपाल के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और दुनिया के सामने मध्यप्रदेश की खेल क्षमता तथा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।
