October 16, 2026

ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली में शिकायत, पासपोर्ट जब्त करने और फंडिंग जांच की मांग के साथ NSA कार्रवाई का मुद्दा उठा

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नई दिल्ली ।यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ उनके कथित बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है। दिल्ली में एक वकील ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राठी के कुछ बयानों से भारतीय सेना और पुलिस को सरकार के खिलाफ विद्रोह के लिए उकसाने की कोशिश की गई।शिकायतकर्ता ने उनके पासपोर्ट को जब्त करने और आर्थिक स्रोतों की जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि, ये आरोप हैं और इनके आधार पर किसी अपराध का दोष सिद्ध नहीं होता।

शिकायतकर्ता विवेक गर्ग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त, उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त और रूप नगर थाने के प्रभारी को शिकायत दी है। इसमें सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो का हवाला देते हुए कथित बयानों की जांच करने की अपील की गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन बयानों की प्रकृति गंभीर है और इनके पीछे संभावित साजिश की आशंका की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का अनुरोध भी किया है।

शिकायत में ध्रुव राठी के आर्थिक स्रोतों और कथित संपर्कों की पड़ताल करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने पासपोर्ट जब्त करने की अपील की है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में शिकायत के आधार पर पुलिस की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष या आरोपों के सिद्ध होने की पुष्टि नहीं है। शिकायत दर्ज होने और जांच की मांग किए जाने को किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।

इस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. विक्रम सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ध्रुव राठी के सेना और पुलिस से संबंधित कथित बयान पर आपत्ति जताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे बयान गंभीर प्रकृति के हो सकते हैं और इन पर कानूनी दृष्टि से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से राठी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग उठाई है।

डॉ. विक्रम सिंह ने आरोप लगाया कि जर्मनी में रहने वाले ध्रुव राठी भारत आकर युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं और एक साक्षात्कार में सेना तथा पुलिस को बगावत के लिए कहने जैसी बातें सामने आई हैं। उन्होंने कथित बयान को देश की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर बताया। हालांकि, इन आरोपों और मांगों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की स्थिति के बारे में उपलब्ध विवरण में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

ध्रुव राठी इससे पहले भी एक आपराधिक मानहानि मामले को लेकर चर्चा में रहे हैं। दिल्ली की साकेत अदालत ने इस पुराने मामले में उनके खिलाफ नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया है। यह मामला विकास सांक्रित्यायन, जिन्हें विकास पांडे के नाम से भी जाना जाता है, की शिकायत पर दर्ज हुआ था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ध्रुव राठी के ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2’ नामक वीडियो को लेकर मानहानि का मामला दायर किया गया था।अदालत ने समन की तामील के लिए दस्ती सेवा की अनुमति भी दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है। यह मानहानि प्रकरण मौजूदा शिकायत से अलग है और दोनों मामलों की कानूनी प्रक्रिया को अलग-अलग समझना जरूरी है।

ध्रुव राठी के खिलाफ शिकायत और एनएसए के तहत कार्रवाई की मांग ने अभिव्यक्ति, सार्वजनिक बयानों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों पर बहस को बढ़ाया है। अब मामले में आगे की स्थिति पुलिस की जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

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