चुनाव आयोग का बड़ा कदम, 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बदलेगी मतदाता सूची..
इस विशेष अभियान में ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और सिक्किम के अलावा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को शामिल किया गया है। इन सभी क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच और संशोधन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए अलग-अलग चरणों की समयसीमा भी तय कर दी है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप यानी ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित क्षेत्रों के नागरिक सूची में अपना नाम और व्यक्तिगत विवरण देख सकेंगे। यदि किसी मतदाता का नाम सूची से गायब है या उसके नाम, पते अथवा अन्य जानकारियों में कोई गलती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन कर सकेगा।
ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद नागरिकों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। जिन लोगों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, किसी विवरण में त्रुटि होने पर उसे ठीक कराने की मांग की जा सकती है। इसके अलावा, यदि किसी ऐसे नाम को सूची में शामिल पाया जाता है, जिस पर आपत्ति है, तो निर्धारित नियमों के तहत उसे हटाने के लिए भी दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। प्राप्त आवेदनों और शिकायतों की जांच के बाद आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसी सूची के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में आगामी चुनावों के दौरान मतदान के लिए मतदाताओं की पात्रता निर्धारित होगी। इसलिए ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद नागरिकों के लिए अपने नाम और विवरण की जांच करना महत्वपूर्ण रहेगा।
इस अभियान में पहली बार मतदान करने की तैयारी कर रहे युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोग ने पात्रता के लिए 1 जनवरी 2027 को आधार तिथि निर्धारित की है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के पात्र होंगे। ऐसे युवाओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।
इसके अतिरिक्त, जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, उन्हें भी अग्रिम रूप से आवेदन जमा करने की सुविधा दी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य भविष्य में पात्र होने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि उनकी पात्रता पूरी होते ही नाम जोड़ने की कार्रवाई की जा सके।
चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस अभियान के लिए आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता, जरूरी सुविधाओं और पुनरीक्षण प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मतदाता सूची का नियमित पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें पुराने रिकॉर्ड की जांच के साथ नए मतदाताओं को जोड़ने और त्रुटियों को दूर करने का अवसर मिलता है। ऐसे में संबंधित छह क्षेत्रों के नागरिकों के लिए 30 नवंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट सूची महत्वपूर्ण होगी। समय रहते नाम और विवरण की जांच करने से अंतिम सूची में किसी तरह की गलती या कमी रहने की आशंका कम की जा सकेगी।
