September 26, 2026

अखिलेश यादव की पार्टी 5 से 11 सितंबर तक चलाएगी पीडीए जागरुकता अभियान, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे होंगे केंद्र में

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नई दिल्ली । 
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने छात्र और युवा वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की दिशा में अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। शिक्षक दिवस के मौके पर पार्टी की छात्र सभा की ओर से 5 से 11 सितंबर तक छात्र, नौजवान एवं पीडीए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नाम पाठशाला पुकारे रखा गया है।

समाजवादी पार्टी के अनुसार, अभियान के दौरान प्रदेश में बंद किए गए प्राथमिक, जूनियर और हाईस्कूलों के बाहर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा और स्थानीय लोगों को भी संवाद का हिस्सा बनाया जाएगा।

अभियान के तहत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र सम्मेलन तथा शिक्षक सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाने हैं। बंद स्कूलों के परिसर के बाहर उपलब्ध स्थानों पर शिक्षक दिवस से जुड़े कार्यक्रम किए जाएंगे। इनमें स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।

सपा छात्र सभा के कार्यक्रम को अलग अलग चरणों में आयोजित करने की योजना बनाई गई है। 7 सितंबर को पीडीए वृक्षारोपण और पर्चा वितरण का कार्यक्रम होगा। इसके बाद 8 सितंबर को विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर छात्रों से संपर्क किया जाएगा।

9 सितंबर को छात्रों से सुझाव लिए जाएंगे और उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। इस दौरान उनसे संकल्प पत्र भी भरवाए जाने की योजना है। पार्टी का उद्देश्य छात्रों से सीधे संवाद स्थापित करके शिक्षा, रोजगार और अन्य संबंधित विषयों पर उनकी प्राथमिकताओं को समझना बताया गया है।

10 सितंबर को छात्र छात्राओं और युवाओं की राजनीति में भूमिका को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके बाद 11 सितंबर को मेधावी छात्रों और टॉपर्स के सम्मान के साथ अभियान का समापन किया जाएगा। पार्टी ने इस कार्यक्रम को छात्र और युवा वर्ग से जुड़ने के अपने प्रयास के तौर पर सामने रखा है।

अभियान में शिक्षा और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। इनमें पेपर लीक, समान पाठ्यक्रम, बढ़ती फीस, रोजगार, आरक्षण और उच्च शिक्षण संस्थानों में नियुक्तियों में कथित भ्रष्टाचार जैसे विषय शामिल हैं। पार्टी आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता और रोस्टर प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाने की तैयारी में है।

इसके अलावा मुफ्त शिक्षा, छात्रों को डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने, पुस्तकालयों की व्यवस्था मजबूत करने तथा नए विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के निर्माण जैसे मुद्दों को भी अभियान में शामिल किया गया है। सपा का कहना है कि इन विषयों के माध्यम से छात्रों और युवाओं की वास्तविक समस्याओं को राजनीतिक विमर्श में प्रमुखता दी जाएगी।

यह अभियान ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी गतिविधियां तेज कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के लिए छात्र और युवा वर्ग महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में शिक्षा, रोजगार और आरक्षण जैसे मुद्दों के जरिए पार्टी इस वर्ग के साथ संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

पाठशाला पुकारे अभियान के माध्यम से बंद सरकारी स्कूलों और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी राजनीतिक बहस में लाने की तैयारी है। अभियान के दौरान सामने आने वाली छात्र समस्याओं और सुझावों को पार्टी किस तरह अपने आगामी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल करती है, इस पर भी नजर रहेगी।

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