October 15, 2026

भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.21 प्रतिशत बढ़कर 13.38 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, कॉरपोरेट और व्यक्तिगत करों से राजस्व में वृद्धि

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नई दिल्ली ।भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 14 अक्टूबर तक पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 13.21 प्रतिशत बढ़कर 13.38 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इस दौरान कॉरपोरेट टैक्स, गैर-कॉरपोरेट टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से होने वाली प्राप्तियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जारी आंकड़ों के अनुसार, कर रिफंड को घटाने के बाद प्राप्त शुद्ध राजस्व में यह वृद्धि सामने आई है।

रिफंड से पहले सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी बढ़ोतरी हुई। चालू वित्त वर्ष में 14 अक्टूबर तक यह 14.89 प्रतिशत बढ़कर 16.03 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.95 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस तरह सकल संग्रह में सालाना आधार पर उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

इस अवधि में करदाताओं को जारी किए गए रिफंड की राशि भी बढ़ी। पिछले वर्ष की समान अवधि में 2.13 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए थे, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह रकम बढ़कर 2.65 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसमें सालाना आधार पर 24.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिफंड को समायोजित करने के बाद ही शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह का आंकड़ा निकाला जाता है।

कॉरपोरेट टैक्स के शुद्ध संग्रह में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। चालू वित्त वर्ष में 14 अक्टूबर तक यह राशि बढ़कर 5.99 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 4.97 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह हुआ था। इस आंकड़े से दोनों अवधियों के बीच कॉरपोरेट कर राजस्व में वृद्धि का संकेत मिलता है।

गैर-कॉरपोरेट करों के शुद्ध संग्रह में भी इजाफा हुआ। इस श्रेणी में व्यक्तियों और अन्य गैर-कॉरपोरेट इकाइयों की ओर से चुकाए गए कर शामिल हैं। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संग्रह 6.54 लाख करोड़ रुपये था, जो चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 6.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स से प्राप्त शुद्ध राजस्व में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि दर्ज की गई। एसटीटी का शुद्ध संग्रह पिछले वर्ष के 30,901.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 46,840.43 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, अन्य करों की श्रेणी में शुद्ध संग्रह नकारात्मक रहा। यह एक वर्ष पहले के 282.39 करोड़ रुपये से घटकर माइनस 1.64 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

सकल संग्रह के आंकड़ों पर नजर डालें तो कॉरपोरेट कर प्राप्तियां पिछले वर्ष की समान अवधि के 6.44 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.53 लाख करोड़ रुपये हो गईं। इसी तरह सकल गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह 7.20 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8.03 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। सकल एसटीटी संग्रह भी 30,901.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 46,840.43 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, अन्य करों का सकल संग्रह 301.22 करोड़ रुपये से घटकर 18.87 करोड़ रुपये रह गया।

प्रत्यक्ष कर संग्रह में कंपनियों के अलावा व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ), फर्मों, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (एओपी), बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (बीओआई), स्थानीय निकायों और कृत्रिम न्यायिक व्यक्तियों द्वारा चुकाए गए कर भी शामिल हैं। चालू वित्त वर्ष के आंकड़े 14 अक्टूबर तक की अवधि के हैं और इनकी तुलना पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि से की गई है।
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