November 3, 2026

हॉकी के मैदान पर भोपाल रचेगा नया इतिहास, 6 देशों के खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम, खेल के साथ जनजातीय संस्कृति का होगा भव्य संगम

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भोपाल । भोपाल अब अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी में है। मध्यप्रदेश की राजधानी में पहली बार एशियन वुमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन होने जा रहा है। 19 से 28 नवंबर तक चलने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया की छह शीर्ष महिला हॉकी टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। भारत के अलावा जापान चीन मलेशिया कोरिया और थाईलैंड की टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। करीब 150 खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा और दमदार प्रदर्शन से दर्शकों का मनोरंजन करेंगी। इस आयोजन की खास बात यह भी है कि मुकाबलों का लाइव प्रसारण दुनिया के 166 देशों में किया जाएगा। इससे भोपाल और मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
प्रतियोगिता का आयोजन भोपाल के अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंत्री विश्वास सारंग की मौजूदगी में एमओयू से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई है। मंत्री सारंग के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगे। लगभग पांच हजार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में फ्लड लाइट की रोशनी में डे-नाइट मुकाबले खेले जाएंगे। इससे दर्शक दिन के साथ शाम और रात के समय भी रोमांचक मैचों का आनंद ले सकेंगे। प्रतियोगिता के प्रचार प्रसार को व्यापक बनाने के लिए भोपाल से ट्रॉफी टूर भी शुरू किया जाएगा। यह टूर मध्यप्रदेश के सभी संभागों तक पहुंचेगा ताकि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हॉकी के प्रति उत्साह और जागरूकता बढ़ाई जा सके।

इस आयोजन में खेल के साथ मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परिसर में विशेष ट्राइबल फूड और आर्ट स्टॉल लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से जनजातीय समाज के पारंपरिक खानपान लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और दर्शक मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से भी परिचित हो सकेंगे। इस तरह यह प्रतियोगिता केवल हॉकी तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि प्रदेश के पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने का अवसर भी बनेगी।

मध्यप्रदेश में हॉकी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मंत्री सारंग के मुताबिक प्रदेश में 27 हॉकी फीडर सेंटर और 13 खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर संचालित हैं। इसके अलावा 22 हॉकी एस्ट्रोटर्फ पर खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे हैं जबकि सात नए एस्ट्रोटर्फ का निर्माण जारी है। भोपाल को हॉकी की नर्सरी माना जाता है और यहां से कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है।

प्रदेश की महिला हॉकी खिलाड़ियों की उपलब्धियां भी इस खेल आधार को मजबूत करती हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश की महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 18 स्वर्ण 11 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 36 पदक जीते हैं। वहीं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 74 स्वर्ण 34 रजत और 33 कांस्य सहित 141 पदक हासिल किए हैं। इस तरह खिलाड़ियों के नाम कुल 177 पदक दर्ज हैं। प्रदेश की तीन महिला हॉकी खिलाड़ियों ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की सात महिला खिलाड़ी ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

सरकार का लक्ष्य खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसी पहल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। एशियन वुमेंस हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी भोपाल के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और दुनिया के सामने मध्यप्रदेश की खेल क्षमता तथा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।

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