March 8, 2026

उत्तराखंड में शुरू होगी ई-जीरो एफआईआर प्रणाली, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे शुभारंभ

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zero FIR in Uttarakhand
  • जानें क्या होंगे लाभ

E-Zero FIR : मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को अब थाने-चौकियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उत्तराखंड में जल्द ही ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था शुरू होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को इसका शुभारंभ करेंगे। अमित शाह सात मार्च को हरिद्वार में एक रैली को संबंधित करेंगे। उसी दौरान उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था का शुभारंभ भी वह करेंगे।

इस महत्वपूर्ण लॉन्चिंग को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल पर एक विशाल पंडाल लगाया जाएगा, जिसमें देश में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों को लेकर एक विशेष प्रदर्शनी लगेगी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से जनता को फॉरेंसिक जांच में शुरू की जा रही नई और उन्नत प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली और आधुनिकीकरण को दर्शाते हुए कई महत्वपूर्ण स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, साइबर अपराध, जेल प्रशासन, कोर्ट और अभियोजन निदेशालय आदि से जुड़े स्टॉल शामिल होंगे।

इन स्टॉलों के जरिए पुलिस के आगामी बड़े प्रोजेक्ट की रूपरेखा भी पेश की जाएगी। केंद्रीय मंत्री अमित शाह स्वयं इस प्रदर्शनी और सभी स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे। उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता सुनील मीणा के मुताबिक ई-जीरो एफआई गृह मंत्रालय का प्रोजेक्ट है। इसलिए गृहमंत्री से शुभारंभ की तैयारी पूरी कर ली गई है। साथ ही नए अपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी लगेगी।

देश का तीसरा राज्य बनेगा उत्तराखंड
ई-जीरो एफआईआर प्रणाली वाला उत्तराखंड देश का तीसरा राज्य बनेगा। इससे पहले दिल्ली और मध्य प्रदेश में ही ये प्रणाली थी। ई-जीरो एफआईआर के लागू होने से अब राज्य में कोई भी पीड़ित किसी भी स्थान से तुरंत अपनी एफआईआर दर्ज करा सकेगा। जिस थाने की घटना होगी, पीड़ित को वहां तत्काल जाने की जरूरत नहीं होगी। पीड़ित को केवल एक बार थाने में हस्ताक्षर के लिए जाना पड़ेगा।

क्या होती है ई-जीरो एफआईआर
ई-जीरो एफआईआर आधुनिक और सुविधाजनक पुलिस व्यवस्था है, जिसमें कोई भी पीड़ित व्यक्ति अपराध होने पर थाना क्षेत्र की चिंता किए बिना ऑनलाइन माध्यम से कहीं से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। जीरो एफआईआर नियम के तहत किसी भी थाने में शिकायत दी जा सकती है। बाद में पुलिस उसे संबंधित थाने को ट्रांसफर कर देती है। ई-जीरो एफआईआर में पीड़ित को किसी थाने जाने की जरूरत नहीं होगी।

 

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