कुंभ कार्यों पर कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल, बीजेपी ने किया पलटवार
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हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले की तैयारियां जोरों पर…
हरिद्वार में आगामी कुंभ 2027 कार्यों को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कुंभ के कामों में बेवजह धन की बर्बादी और अनियमितता का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चार्जशीट कमेटी के चेयरमैन करण माहरा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कुंभ कार्यों का निरीक्षण किया और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। इधर कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया।
हरिद्वार के जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने इसे केवल सत्ता पाने के लिए आतुर कांग्रेस हर काम में कमी ढूंढने वाली पार्टी बताया। दरअसल हरिद्वार में कुंभ मेले के निर्माण कार्य चल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से स्थानीय स्तर के नेता कुंभ कार्यों में अनियमितता के आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चार्जशीट कमेटी के चेयरमैन करन माहरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कुंभ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे. जहां करन माहरा ने कुंभ के कामों में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 709 करोड़ रुपये के कार्यों की डीपीआर, टेंडर और भुगतान का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देहरादून में इस मुद्दे पर पूरे सबूतों के साथ उठाया जाएगा।
करन माहरा ने सतीकुंड के पुनरोद्धार और बिल्केश्वर रोड के फुटपाथ व सौंदर्यीकरण लागत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कुंभ में हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और मौजूदा स्थिति की जांच की मांग की। माहरा ने कहा कि सड़क, सीवर, बिजली और पेयजल के कार्यों में बेहतर समन्वय के साथ थर्ड पार्टी तकनीकी और वित्तीय ऑडिट कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों का कांग्रेस भौतिक निरीक्षण करेगी और देहरादून में प्रेस वार्ता कर बड़े खुलासे किए जाएंगे।
इधर कांग्रेस के गंभीर आरोपों का पलटवार करते हुए बीजेपी ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए उसे हर काम में कमी ढूंढने वाली पार्टी बताया। भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने कुंभ के लिए कभी कोई सुझाव नहीं दिया और अब सत्ता पाने के लिए उन्हें हर काम में कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला प्रशासन की पूरी टीम भव्य कुंभ मेले की तैयारी कर रही हैं लेकिन, कांग्रेस पार्टी का काम तो केवल कमियां ढूंढने का है. कांग्रेस चार्ज शीट कमेटी के जो लोग हरिद्वार आए थे, समझ ही नहीं आया वो क्या करके गए हैं।
