उज्जैन में LPG सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, सिगरेट जलाने की कोशिश बनी हादसे की वजह, 24 साल का युवक 70 फीसदी झुलसा
जानकारी के मुताबिक कमरे में रातभर LPG गैस लीक होने की आशंका है। माना जा रहा है कि लगातार गैस रिसने के कारण कमरे के अंदर गैस जमा होती गई। सुबह संदीप ने सिगरेट पीने के लिए माचिस की तीली जलाई तो कमरे में पहले से जमा गैस ने आग पकड़ ली। इसके बाद अचानक जोरदार धमाका हुआ और संदीप आग की चपेट में आ गया। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कमरे की दीवार तक गिर गई और घर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा।
हादसे के समय संदीप के साथ कमरे में उसका साथी देवीलाल भी मौजूद था। बताया गया है कि धमाका होने के समय देवीलाल बाथरूम में था। इसी वजह से वह सीधे आग और धमाके की चपेट में आने से बच गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल की ओर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने घायल संदीप को कमरे से बाहर निकालने में मदद की और उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया।
संदीप मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला बताया गया है। वह करीब 20 दिन पहले ही काम के सिलसिले में उज्जैन आया था और तिरुपति धाम कॉलोनी में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। वह शहर की शिप्रा गैस एजेंसी में सिलेंडर डिलीवरी और फिटिंग का काम करता था। LPG सिलेंडर से जुड़े काम से जुड़े होने के बावजूद कमरे में गैस रिसाव की स्थिति कैसे बनी और रिसाव का समय पर पता क्यों नहीं चल सका इसे लेकर भी जांच की जा रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कमरे में हुए नुकसान और ब्लास्ट से जुड़े हालात की जानकारी जुटाई है। फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह और गैस रिसाव के कारणों को लेकर जांच जारी है। गंभीर रूप से घायल संदीप को जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किया गया है जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
यह हादसा घरेलू LPG गैस के इस्तेमाल के दौरान छोटी सी चिंगारी के संभावित खतरे की ओर भी ध्यान दिलाता है। यदि कमरे में गैस की गंध महसूस हो तो किसी भी हालत में माचिस या लाइटर नहीं जलाना चाहिए और बिजली के स्विच को भी चालू या बंद करने से बचना चाहिए। दरवाजे और खिड़कियां खोलकर सुरक्षित तरीके से जगह को हवादार करना तथा जरूरत पड़ने पर गैस आपूर्ति बंद कर संबंधित एजेंसी या आपातकालीन सेवा से संपर्क करना जरूरी है।
