राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से अन्याय और अधिकारों से जुड़े संघर्ष की कहानी भेजने की अपील
राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में लोग अपने हक के लिए लड़ रहे हैं और अक्सर उनकी लड़ाई अकेले रह जाती है। उन्होंने जेन-जी, छात्रों, किसानों, आदिवासियों, दलितों और महिलाओं के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर संघर्ष की अपनी कहानी है, लेकिन अकेले उठने वाली आवाज अक्सर दब जाती है। उनके अनुसार, ‘सत्याग्रह’ का उद्देश्य इन आवाजों को एक साथ लाना है। उन्होंने महात्मा गांधी की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य एक बड़ा हथियार है और सत्य के साथ एकजुट होकर खड़ा होना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपनी कहानी साझा करने को कहा और बताया कि इसमें करीब दो मिनट लगेंगे।
इस पहल का नाम महात्मा गांधी के सत्याग्रह से जुड़ा है। गांधी हेरिटेज पोर्टल महात्मा गांधी के जीवन, लेखन, सत्याग्रह और अन्य गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों का डिजिटल संग्रह उपलब्ध कराता है। उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड में गांधीजी के लेखन और पत्राचार का व्यापक संग्रह दर्ज है। हालांकि, दी गई खबर में गांधीजी को भेजे गए 8,500 से अधिक पत्रों का जो विशेष आंकड़ा बताया गया है, उसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से स्पष्ट रूप से नहीं हो सकी। आधिकारिक अभिलेखों में गांधीजी से संबंधित पत्रों का बड़ा संग्रह दर्ज होने की जानकारी उपलब्ध है।
राहुल गांधी की इस पहल के साथ देश में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों की ओर से प्रदर्शन किए गए हैं। 2 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। इसी बीच विपक्षी सांसदों के 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करने की योजना भी घोषित की गई थी।
मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता डेटा तक राज्यों की पहुंच, पश्चिम बंगाल में अपीलों और गोवा के 97 मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के सॉफ्टवेयर में बदलावों की समीक्षा शुरू की है और एक समिति को इसकी जांच की जिम्मेदारी दी है। राहुल गांधी की ‘सत्याग्रह’ पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवाद सार्वजनिक चर्चा में हैं।
