इंदौर में जुटेगी सेमीकंडक्टर उद्योग की ताकत, CM मोहन यादव के शुभारंभ से निवेश और तकनीक पर टिकी नजरें

समिट में मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। इस आयोजन में देश और विदेश की कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेशक उद्योग विशेषज्ञ शिक्षाविद और स्टार्टअप से जुड़े लोग भाग ले रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 50 से अधिक कंपनियां इस समिट में शामिल हैं। कंपनियां अपनी तकनीक उत्पाद और समाधान प्रदर्शित कर रही हैं। आयोजन के दौरान निवेश की संभावनाओं के साथ तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास को लेकर भी विचार विमर्श किया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह के आयोजन से प्रदेश में नई परियोजनाओं के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा।
सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक की रीढ़ माने जाते हैं। मोबाइल फोन कंप्यूटर इलेक्ट्रिक वाहन औद्योगिक मशीनों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उपकरणों में इनका व्यापक इस्तेमाल होता है। डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार के कारण दुनिया भर में चिप निर्माण और उससे जुड़ी तकनीकों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ तकनीकी सेवाओं और सहायक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी बन सकती हैं।
प्रदेश सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति 2025 को मंजूरी दी है। इस नीति में पात्र निवेशकों के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें 25 प्रतिशत सब्सिडी और दस वर्षों तक दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देने का प्रावधान शामिल है। सरकार की मंशा है कि ऐसी सुविधाओं के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित किया जाए और प्रदेश में सेमीकंडक्टर से जुड़ी परियोजनाओं की स्थापना को गति मिले।
इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के बीच पारस सेमीकंडक्टर्स की ओर से सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा स्थापित करने के लिए 6200 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से जुड़ा समझौता भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती है तो इससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि प्रस्तावित निवेश और वास्तविक परियोजना के क्रियान्वयन के बीच अंतर होता है इसलिए इसकी प्रगति पर नजर रखना भी जरूरी होगा।
समिट में उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा युवाओं को आधुनिक तकनीक के लिए प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। चिप डिजाइन निर्माण और टेस्टिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने वाले युवाओं के लिए भविष्य में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। अब इस आयोजन की सफलता इस बात से तय होगी कि कितने निवेश प्रस्ताव वास्तविक परियोजनाओं में बदलते हैं और कितने रोजगार के अवसर तैयार होते हैं। इंदौर में आयोजित यह समिट मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
