October 3, 2026

भोपाल में अमित शाह के बड़े ऐलान से MP में हलचल, 2029 तक नशामुक्ति का लक्ष्य, उज्जैन को मिला 255 करोड़ का डेयरी प्लांट

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भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन के दौरान मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा। भेल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने के लिए बारीक स्तर पर योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ इस विषय पर चर्चा कर रणनीति बनाई जानी थी। हालांकि अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक बाद में रद्द हो गई क्योंकि शाह एक जरूरी बैठक में वर्चुअली जुड़ गए। शाह ने अभिभावकों और विशेष रूप से माताओं से भी युवाओं को नशे से दूर रखने में सहयोग की अपील की।

भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन में करीब 35 हजार गोपालकों और डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े लोगों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में शाह ने गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता देने की बात कही। साथ ही उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे दूध प्रसंस्करण संयंत्र का डिजिटल भूमिपूजन किया गया। केंद्र और राज्य स्तर पर डेयरी क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाओं को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया। सरकारी जानकारी के मुताबिक उज्जैन के प्लांट की क्षमता प्रतिदिन तीन लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की होगी।

शाह ने अपने संबोधन में देश में दूध उत्पादन से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश बन चुका है। उन्होंने 2014-15 के मुकाबले प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। शाह ने सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना से डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि सहकारी व्यवस्था के जरिए दूध उत्पादकों को बेहतर कीमत दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की डेयरी अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की आय बढ़ाने से जुड़े विषय भी सामने आए। सरकारी योजना के तहत गोपालक दीदियों के सम्मान और डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों को लाभ पहुंचाने की पहल भी कार्यक्रम का हिस्सा रही। भोपाल में 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी उत्पाद संयंत्र और राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला से जुड़ी परियोजनाएं भी कार्यक्रम में शामिल थीं। शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण का काम भी शुरू किया गया।

अमित शाह के भोपाल दौरे में केवल डेयरी और नशामुक्ति का मुद्दा ही शामिल नहीं रहा। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। इसके बाद भौंरी स्थित IISER परिसर में अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम भी उनके दौरे का हिस्सा रहा। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक भी हुई।

नशे के खिलाफ लक्ष्य की बात करें तो केंद्र सरकार पहले भी वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लिए तीन वर्षीय रोडमैप की बात कर चुकी है। गृह मंत्रालय के अनुसार इस रणनीति में खुफिया और प्रवर्तन कार्रवाई के साथ सिंथेटिक ड्रग्स और उनके रॉ मटेरियल पर नियंत्रण मांग में कमी और नुकसान कम करने के उपाय तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे पहलू शामिल हैं।

इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यक्रम और सरकार के कामकाज को लेकर अलग-अलग सवाल उठाए। उन्होंने सांची डेयरी और ग्रामीण समितियों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए प्रदेश की आर्थिक स्थिति तथा सरकार के कामकाज पर भी सवाल किए। इस तरह भोपाल का यह दौरा डेयरी विकास नशामुक्ति नए आपराधिक कानून और केंद्र राज्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाओं और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का केंद्र रहा।

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