गडकरी ने RTO को चेताया तो करण सिंह वर्मा ने कहा अगले जन्म में नाग बनोगे, सीधी में कीचड़ में फंसी महापौर की कार
भोपाल में सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने बसों की गुणवत्ता और फिटनेस को लेकर RTO अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने अपने संबोधन में व्यंग्य करते हुए कुछ अधिकारियों को गांधीवादी बताया और कहा कि गांधी की नोट दिखाई देने पर तुरंत ठप्पा लगाने की बात कही। गडकरी का यह बयान RTO व्यवस्था में भ्रष्टाचार के आरोपों पर उनके सख्त रुख के तौर पर देखा गया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि किसी ऐसी बस को मंजूरी दी जाती है जो निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है।
गडकरी का जोर बसों की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा पर था। उन्होंने कहा कि बसों को सड़क पर उतारने से पहले कड़ी जांच और परीक्षण जरूरी है। फिटनेस मानकों पर खरी उतरने के बाद ही किसी बस को सड़क पर चलने की अनुमति मिलनी चाहिए। मध्य प्रदेश में शुरू हुई नई परिवहन सेवा के तहत 351 बसें उतारी गई हैं जिनमें 180 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं।
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई बसों के भगवा रंग को लेकर कांग्रेस पर तंज किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सड़कों पर भगवा रंग की बसें चलना उनके लिए खुशी की बात है और विपक्ष को यह पसंद नहीं आएगा। सरकारी बस सेवा के दोबारा शुरू होने के मौके पर मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
उधर सीहोर जिले में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का बयान भी चर्चा में आ गया। एक कार्यक्रम में उन्होंने लोगों को किसी का बुरा नहीं करने और बदले की भावना से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि गलत काम करने वालों को सुधर जाना चाहिए वरना अगले जन्म में नाग बनना पड़ेगा। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम का यह हिस्सा सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में सुर्खियों में रहा।
अब बात सीधी की जहां सड़क की बदहाली ने एक जनप्रतिनिधि को भी रास्ते में रोक दिया। खड्डी खुर्द के बगैहा टोला में सड़क निर्माण की मांग को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू ग्रामीणों के साथ 11 दिनों से धरने पर थीं। इसी आंदोलन को समर्थन देने सिंगरौली की महापौर और आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल पहुंचीं। लेकिन धरना स्थल तक पहुंचने से पहले ही उनकी गाड़ी कच्ची और कीचड़ भरी सड़क में फंस गई। ग्रामीणों ने धक्का देकर वाहन को बाहर निकाला। इसके बाद महापौर को करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर धरना स्थल तक जाना पड़ा।
महापौर रानी अग्रवाल ने मौके पर सड़क की स्थिति देखी और ग्रामीणों की परेशानी को लेकर सरकार को पत्र लिखने की बात कही। ग्रामीणों के अनुसार यह रास्ता आसपास के कई गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ता है और बारिश के दौरान कीचड़ के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है।
इस तरह एक ही दिन मध्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को लेकर गडकरी की सख्त चेतावनी से लेकर मंत्री के धार्मिक संदर्भ वाले बयान और खराब सड़क में फंसी महापौर की गाड़ी तक कई घटनाएं चर्चा में रहीं। इन घटनाओं ने सरकारी परिवहन व्यवस्था से लेकर सड़क और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर अलग-अलग सवालों को सामने ला दिया है।
