September 22, 2026

कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा की याचिका पर आज डिवीजन बेंच में सुनवाई सरकार ने जांच में सहयोग नहीं करने का लगाया आरोप

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कटनी । कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया की जमानत याचिका पर मंगलवार को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हत्या के आरोपी की करीब 1 करोड़ रुपए की जमीन हड़पने के मामले में दर्ज एफआईआर को उन्होंने चुनौती दी है। मामले की सुनवाई अब सिंगल बेंच के बजाय डिवीजन बेंच के समक्ष होगी। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मामले को दूसरी उपयुक्त बेंच में भेजने की मांग की गई थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने केस डायरी देखी और मामले को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली बेंच के समक्ष भेजने का निर्णय लिया।

नेहा पच्चीसिया की ओर से दाखिल याचिका में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है। उनकी ओर से अदालत से अंतरिम राहत की मांग भी की गई है। याचिका में कहा गया है कि मामले में उनके खिलाफ कोई सीधा सबूत मौजूद नहीं है और एफआईआर में उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं होती है। अब डिवीजन बेंच के समक्ष होने वाली सुनवाई में उनकी ओर से रखी गई इन दलीलों पर विचार किया जाएगा।

इससे पहले 21 सितंबर को मामले की सुनवाई जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच में प्रस्तावित थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने मामले को दूसरी उपयुक्त बेंच के सामने भेजने का अनुरोध किया। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं। इसी आधार पर सरकार का कहना था कि मामले की सुनवाई ऐसी बेंच में होनी चाहिए जिसे इस तरह के मामलों की सुनवाई का अधिकार है।

नेहा की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने सरकार की इस मांग का विरोध किया। उनकी ओर से दलील दी गई कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं पिछली सुनवाई के बाद एफआईआर में जोड़ी गई हैं। इसलिए मामले की सुनवाई पहले से निर्धारित बेंच में ही की जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने केस डायरी का अवलोकन किया और मामले को संबंधित उपयुक्त बेंच के समक्ष भेजने का निर्णय लिया।

राज्य सरकार ने नेहा की जमानत याचिका का विरोध करते हुए जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि नेहा के विदेश जाने की आशंका को देखते हुए उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर की कार्रवाई की गई है। सरकार ने मामले में सह आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगाया है।

सरकार के मुताबिक जिला अदालत से नेहा की अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। इसके अलावा मामले में नेहा सहित अन्य आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने की जानकारी भी अदालत के सामने रखी गई है। अब 22 सितंबर को नई बेंच के समक्ष होने वाली सुनवाई में उनकी याचिका पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

यह मामला करीब 1 करोड़ रुपए की जमीन से जुड़े आरोपों के कारण पहले से चर्चा में है। पूर्व सीएसपी की ओर से एफआईआर को चुनौती दिए जाने के बाद अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर दोनों पक्षों की नजर है। अदालत के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से एफआईआर और आरोपों को लेकर दलीलें रखी जाएंगी जबकि राज्य सरकार अपनी ओर से जांच और अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर याचिका का विरोध करेगी।

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