मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तंज का दौर, आरक्षण पर विधायक की फजीहत, लाड़ली बहना पर कांग्रेस की चुप्पी और भाजपा में हलचल
शिवपुरी । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी तंज और सियासी घटनाक्रम चर्चा का विषय बने हुए हैं। कहीं भाजपा विधायक को आरक्षण के मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान असहज स्थिति का सामना करना पड़ा तो कहीं लाड़ली बहना योजना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के जवाब ने सवाल खड़े कर दिए। इंदौर में जल संकट को लेकर बुलाई गई बैठक में मंत्रियों और विधायकों की गैरमौजूदगी भी चर्चा में रही। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के युवा संवाद कार्यक्रम को कांग्रेस ने राहुल गांधी की राजनीति से जोड़कर देखा है। इन घटनाओं ने प्रदेश की सियासत में बयान और जवाब के नए किस्से पैदा कर दिए हैं।
शिवपुरी में भाजपा विधायक देवेंद्र जैन उस समय असहज स्थिति में आ गए जब उनकी ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे एक युवक से बहस हो गई। ओबीसी महासभा के कार्यकर्ता 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे थे। विधायक देवेंद्र जैन वहां एक बैठक के सिलसिले में पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू हो गई। एक युवक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह ग्रेजुएट है और पढ़ा लिखा है। इस पर विधायक ने जवाब में खुद को गधा कह दिया। युवक ने भी पलटकर कह दिया कि हां आप गधे हो। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी और भाजपा सरकार मुर्दाबाद तथा शिवपुरी विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाए। घटनाक्रम के दौरान विधायक ने अपने नाम पर भी मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद घटना चर्चा में आ गई है।
दूसरी ओर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लाड़ली बहना योजना को लेकर पूछे गए सवाल पर चर्चा में आ गए। भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन हजार रुपये देने का वादा किया गया था जबकि महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे वादे के अनुरूप राशि नहीं देने का मामला बताया। इसके बाद पत्रकारों ने उनसे पूछा कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो क्या लाड़ली बहना योजना जारी रहेगी और क्या राशि बढ़ाकर पांच हजार रुपये की जाएगी। इस सवाल पर पटवारी ने कहा कि इसका जवाब सही समय पर दिया जाएगा। उनके जवाब के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल हल्का हो गया। हालांकि योजना को लेकर कांग्रेस की भावी नीति पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
इंदौर में जल संकट को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की बैठक में भी सियासी चर्चा तेज हो गई। बैठक में जिले के नौ विधायकों में से केवल चार के पहुंचने की जानकारी सामने आई। मंत्री तुलसी सिलावट भी बैठक में मौजूद नहीं थे। जब विजयवर्गीय से बाकी जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जो नहीं आए उनसे पूछा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शायद उनके क्षेत्रों में पानी की समस्या नहीं होगी। उनके इस जवाब को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि बैठक में कम उपस्थिति के पीछे किसी बड़े नेता की नाराजगी होने की बात को खबर में चर्चा और अटकल के रूप में ही देखा जा रहा है।
इसी बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का युवा संवाद कार्यक्रम भी चर्चा में है। 17 अक्टूबर को अशोकनगर में उनका युवा अनप्लग्ड कॉन्सर्ट प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के माध्यम से वे युवाओं से संवाद करेंगे और उनकी बात सुनने का प्रयास करेंगे। कांग्रेस ने इसे राहुल गांधी की युवाओं के बीच पहुंचने की रणनीति से जोड़कर तंज किया है। सिंधिया पहले कांग्रेस में रह चुके हैं लेकिन अब भाजपा में हैं। ऐसे में उनके युवा संवाद कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
प्रदेश की नौकरशाही में भी हालिया तबादला सूची के बाद चर्चाएं जारी हैं। खबर के मुताबिक एक महिला आईएएस अधिकारी को उम्मीद थी कि उन्हें कलेक्टर बनाया जा सकता है। उन्होंने निमाड़ क्षेत्र के एक जिले में पदस्थापना के लिए प्रयास किए थे लेकिन जारी सूची में उस जिले की जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी को दे दी गई। हालांकि संबंधित अधिकारी का नाम और जिले का विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए इस घटनाक्रम को फिलहाल प्रशासनिक गलियारों में चल रही चर्चा के रूप में ही देखा जा रहा है। कुल मिलाकर आरक्षण विवाद से लेकर लाड़ली बहना योजना और जल संकट की बैठक तक मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी और सियासी संकेत लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं।
