एक ही बिल्डिंग में स्कूल और शराब दुकान, नशेड़ियों की गाली-गलौज के बीच पढ़ने जा रहे बच्चे, हाईकोर्ट सख्त
इस मामले में स्थानीय निवासी अजय पटेल ने प्रशासनिक स्तर पर कई बार शिकायत की थी। उन्होंने संजीवनी नगर थाना पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर के साथ आबकारी तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया। शिकायतकर्ता का कहना है कि बच्चों की आवाजाही और उनकी सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में करीब 20 साल पुराने स्कूल के साथ एक ही परिसर में शराब दुकान संचालित होने और नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया है।
दैनिक भास्कर की मौके पर की गई पड़ताल में संजीवनी कैंपस के एक हिस्से में शराब दुकान और दूसरे हिस्से में संस्कार निकेतन पब्लिक स्कूल संचालित होता मिला। शराब दुकान के आसपास गंदगी और वाहनों की भीड़ भी नजर आई। स्थानीय लोगों के अनुसार दुकान के सामने खाने-पीने की चीजें बेची जाती हैं। इस वजह से वहां लोगों का जमावड़ा लगता है और कई बार सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। स्कूल पहुंचने और छुट्टी के बाद घर लौटने वाले बच्चों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल सुबह करीब 8 बजे शुरू होता है जबकि दोपहर में छुट्टी के समय शराब दुकान के आसपास भीड़ बढ़ जाती है। आरोप है कि कुछ लोग नशे की हालत में स्कूल के मुख्य द्वार के पास गाली-गलौज और हंगामा करते हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता बनी रहती है। एक अभिभावक ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि कई बार शराब पीकर लोग रास्ते में पड़े रहते हैं। ऐसे माहौल से बच्चों और विशेषकर छात्राओं को गुजरना पड़ता है। एक छात्रा ने भी छुट्टी के समय बाहर निकलने में डर लगने की बात कही। उसके मुताबिक कुछ लोग आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं और खाली बोतलें स्कूल परिसर की तरफ फेंकते हैं।
दूसरी ओर शराब दुकान संचालक रब्बू यादव का कहना है कि उन्हें आसपास स्कूल होने की जानकारी नहीं है। उनके मुताबिक दुकान हाल ही में खुली है और इससे पहले यहां किसी दूसरे व्यक्ति का ठेका था। स्कूल कर्मचारी अंकित ने भी कहा कि शराब दुकान को लेकर अभिभावकों या बच्चों की ओर से कभी शिकायत नहीं मिली है। उनका दावा है कि स्कूल और दुकान का संचालन नियमानुसार हो रहा है।
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने पक्ष रखते हुए बताया कि संजीवनी कैंपस में स्कूल करीब 20 साल से चल रहा है और भवन का एक हिस्सा किराए पर शराब दुकान के लिए दिया गया है। याचिका में दुकान के सामने खुले में शराब पीने और खाली बोतलें छोड़ने की शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही कलेक्टर को 23 मार्च 2026 को दिए गए आवेदन पर अगली सुनवाई से पहले निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।
जबलपुर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कहा है कि जांच में यदि शराब दुकान दूरी संबंधी मानकों का उल्लंघन करती हुई या स्कूल के साथ एक ही परिसर में संचालित पाई जाती है तो उसे दूसरी जगह शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। अब इस मामले में प्रशासन की जांच और हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सबकी नजर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े इस मामले में जिम्मेदार विभाग कब ठोस कदम उठाते हैं।
