इंदौर से धार्मिक और पर्यटन शहरों तक नई कनेक्टिविटी, भोपाल उज्जैन मांडू समेत 5 रूट पर दौड़ेंगी ई-बसें
ग्रीन लाइन सेवा के तहत इंदौर से पांच प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा आठ बसें इंदौर से भोपाल और आठ बसें इंदौर से खरगोन खंडवा रूट पर चलाने की योजना है। इंदौर से उज्जैन के लिए छह इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं जबकि इंदौर से मांडू और सेंधवा के लिए दो दो बसें संचालित की जाएंगी। इस तरह कुल 26 बसें पांच रूट पर यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इन रूट का चयन धार्मिक पर्यटन और आसपास के प्रमुख शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से किया गया है।
इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों को सौंपी जाएगी। ऑपरेटर करीब आठ साल तक बसों के संचालन और रखरखाव का काम संभालेंगे। सेवा को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल के तहत संचालित किए जाने की योजना है। इसके तहत कंपनी प्रीमियम लेकर ऑपरेटरों को निर्धारित रूट आवंटित करेगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग जैसी सुविधा यात्रियों के लिए सफर को और आसान बना सकती है।
इंदौर से दूरस्थ शहरों को जोड़ने की दिशा में भी परिवहन सेवा का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत 20 से अधिक रूट के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इंदौर से सागर जबलपुर शहडोल और बालाघाट सहित कई अन्य शहरों के लिए ऑपरेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे प्रदेश के अलग अलग हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
इसके अलावा पीएम ई-बस सेवा के तहत भी नए रूट तैयार किए जा रहे हैं। इंदौर में सिटी बस सेवा के 14 रूट पर पीएम ई-बस सेवा शुरू हो चुकी है। अगले महीने से करीब 150 और बसें चलाने की योजना है। प्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभागों में 170 से ज्यादा बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। इन सेवाओं के विस्तार से शहरों के साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो सकती है। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
