August 27, 2026

बच्चे का वजन उम्र के हिसाब से तेजी से बढ़ रहा है तो सावधान माता-पिता की ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी

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नई दिल्ली। बच्चों में बढ़ता मोटापा आज कई माता-पिता के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। अक्सर बच्चे का वजन बढ़ने पर परिवार इसे अच्छी सेहत या ज्यादा खाने का संकेत मान लेता है लेकिन अगर वजन उम्र और लंबाई के अनुपात में तेजी से बढ़ रहा है तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। बचपन का मोटापा आगे चलकर डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर नींद से जुड़ी परेशानियों और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। बच्चों की खानपान और दिनचर्या की आदतें बनाने में माता-पिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में कुछ ऐसी गलतियां हैं जिन्हें अनजाने में माता-पिता रोजाना दोहराते हैं और उनका असर बच्चे के वजन पर पड़ सकता है।

सबसे पहली गलती है बच्चे को मोबाइल टीवी टैबलेट या वीडियो गेम में लंबे समय तक व्यस्त रखना। स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने से बच्चों की शारीरिक गतिविधि कम हो सकती है। खेलना दौड़ना चलना और बाहर की गतिविधियों में समय देने के बजाय अगर बच्चा ज्यादातर समय स्क्रीन पर बिताता है तो उसकी रोजाना की सक्रियता प्रभावित होती है। माता-पिता को बच्चों की उम्र के अनुसार खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय तय करना चाहिए।

दूसरी बड़ी समस्या बार बार पैकेज्ड और जंक फूड देना है। चिप्स बिस्किट पिज्जा बर्गर इंस्टेंट नूडल्स मिठाइयां और मीठे पेय बच्चों को स्वादिष्ट लगते हैं लेकिन इनका लगातार सेवन उनकी कुल कैलोरी बढ़ा सकता है। घर में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ फल सब्जियां दालें साबुत अनाज और अन्य संतुलित विकल्पों को बच्चों की नियमित डाइट का हिस्सा बनाना जरूरी है। जंक फूड को रोजाना की आदत बनाने के बजाय कभी कभी सीमित मात्रा में देना बेहतर तरीका हो सकता है।

तीसरी गलती बच्चे को उसकी इच्छा से ज्यादा खाने के लिए मजबूर करना है। कई माता-पिता प्लेट पूरी कराने के लिए बच्चे पर दबाव डालते हैं। इससे बच्चा अपनी भूख और पेट भरने के प्राकृतिक संकेतों को समझने में कठिनाई महसूस कर सकता है। खाने को इनाम या सजा के तौर पर इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए। बच्चों को संतुलित भोजन उपलब्ध कराने के साथ उनकी भूख के संकेतों का सम्मान करना जरूरी है।

चौथी गलती नींद की अनदेखी करना है। देर रात तक मोबाइल चलाना टीवी देखना या रोज अलग समय पर सोने की आदत बच्चों की नींद को प्रभावित कर सकती है। पर्याप्त और नियमित नींद बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए जरूरी है और कम या अनियमित नींद वजन बढ़ने समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी हो सकती है। इसलिए बच्चों के लिए उम्र के अनुसार नियमित सोने और जागने का समय तय करना चाहिए।

पांचवीं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चे वही आदतें जल्दी सीखते हैं जो उन्हें अपने घर में दिखाई देती हैं। अगर माता-पिता खुद लगातार जंक फूड खाते हैं कम सक्रिय रहते हैं या देर रात तक जागते हैं तो बच्चे भी ऐसी दिनचर्या अपना सकते हैं। इसलिए बच्चे का वजन नियंत्रित करने के लिए केवल उसे नियम बताना पर्याप्त नहीं है बल्कि पूरे परिवार को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। यदि बच्चे का वजन लगातार तेजी से बढ़ रहा है तो डॉक्टर या बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना भी उचित रहेगा।

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