बिप्लब कुमार देव को मिली एमपी बीजेपी प्रभारी की जिम्मेदारी, जानिए कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर
बिप्लब कुमार देव का राजनीतिक सफर संगठनात्मक गतिविधियों से शुरू हुआ। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और बाद में दिल्ली में संगठन के वरिष्ठ नेता के.एन. गोविंदाचार्य के सहायक के तौर पर काम करते हुए राजनीतिक संगठन का अनुभव हासिल किया। वर्ष 2016 में उन्हें त्रिपुरा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
उनके नेतृत्व में बीजेपी ने वर्ष 2018 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस चुनाव के बाद राज्य में बीजेपी की सरकार बनी और लंबे समय से सत्ता में रहे वाम दल के शासन का अंत हुआ। 9 मार्च 2018 को बिप्लब कुमार देव ने त्रिपुरा के 10वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। वह वर्ष 2018 से 2022 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे।
वर्ष 2022 में बिप्लब देव ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गईं। वह राज्यसभा के सदस्य भी रहे और हरियाणा बीजेपी के प्रभारी के तौर पर काम किया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने त्रिपुरा पश्चिम सीट से जीत दर्ज की और लोकसभा पहुंचे।
इसके बाद पार्टी संगठन में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। बिप्लब कुमार देव को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। अब उन्हें मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य का प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और केंद्रीय नेतृत्व तथा राज्य इकाई के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी उनके पास होगी।
मध्य प्रदेश में बिप्लब देव के साथ रेखा वर्मा को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। रेखा वर्मा उत्तर प्रदेश की नेता हैं और धौरहरा लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुकी हैं। पार्टी की राष्ट्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है। अब वह मध्य प्रदेश में प्रभारी के साथ मिलकर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम करेंगी।
इससे पहले मध्य प्रदेश के प्रभारी की जिम्मेदारी डॉ. महेंद्र सिंह के पास थी। अब उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में वहां संगठन से जुड़े कामों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मध्य प्रदेश में उनके स्थान पर बिप्लब कुमार देव को जिम्मेदारी दी गई है।
सह प्रभारी के स्तर पर भी बदलाव हुआ है। इससे पहले यह जिम्मेदारी सतीश कुमार उपाध्याय संभाल रहे थे। अब उनकी जगह रेखा वर्मा को मध्य प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया है। इस बदलाव के बाद प्रदेश संगठन में प्रभारी और सह प्रभारी की नई टीम काम करेगी।
प्रदेश प्रभारी का मुख्य काम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच तालमेल बनाए रखना होता है। वह प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं के साथ मिलकर संगठनात्मक गतिविधियों, पार्टी कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों से जुड़े मामलों पर काम करते हैं। राज्य संगठन से मिलने वाली जानकारी और फीडबैक को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने में भी प्रभारी की भूमिका होती है। सह प्रभारी संगठनात्मक कार्यों में प्रभारी का सहयोग करते हैं।
