धीरेंद्र शास्त्री पर दिग्विजय सिंह का तीखा हमला, भाई ने बहिष्कार की अपील की, बेटे का रुख अलग…..
दिग्विजय सिंह इन दिनों सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाल रहे हैं। इसी दौरान उनसे धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने शास्त्री पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘मूर्ख’ कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि धीरेंद्र शास्त्री कब से बाबा बन गए। उनका यह बयान शास्त्री की टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच सामने आया है।
इस मामले में दिग्विजय सिंह के साथ मौजूद कंप्यूटर बाबा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को ‘राजनीतिक बाबा’ बताया। साथ ही टिप्पणी करते हुए कहा कि उन पर बोलने से क्या होगा। इस तरह धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
लक्ष्मण सिंह ने भी इस विवाद पर अपना विरोध जाहिर किया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर धीरेंद्र शास्त्री के बहिष्कार की अपील की। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि एक प्रखर कथावाचक ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का अपमान किया है। उनके अनुसार, यह सनातन धर्म का अपमान है और इससे सनातन के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर विरोध जताने की अपील की।
लक्ष्मण सिंह ने अन्य धर्मों के लोगों से भी इस विरोध में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कथावाचक को कथा नहीं करने देना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से ऐसी कथाओं पर रोक लगाने की मांग भी की। इसके अलावा, उन्होंने दूसरे कथावाचकों से भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा। लक्ष्मण सिंह ने सवाल उठाया कि बड़े-बड़े धामों से जुड़े कथावाचक इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के बयान को शर्मनाक बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, दिग्विजय सिंह और लक्ष्मण सिंह के रुख से अलग जयवर्धन सिंह को धीरेंद्र शास्त्री का अनुयायी बताया जाता है। उनकी पत्नी और बेटा भी शास्त्री के अनुयायी बताए गए हैं। कुछ समय पहले जयवर्धन सिंह ने धीरेंद्र शास्त्री को राघौगढ़ किले में आमंत्रित किया था। उस दौरान वहां धार्मिक आयोजन भी कराया गया था।
इस प्रकार, धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर एक ही परिवार के सदस्यों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां दिग्विजय सिंह ने उनकी आलोचना की और लक्ष्मण सिंह ने बहिष्कार की अपील की, वहीं जयवर्धन सिंह का परिवार उनसे जुड़ा हुआ बताया जाता है। विवाद के केंद्र में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी है, जिस पर विरोध जताते हुए लक्ष्मण सिंह ने कथाओं पर रोक लगाने और अन्य कथावाचकों से भी आवाज उठाने की मांग की है।
