मनी प्लांट की ग्रोथ रुक गई है तो किचन की ये 3 चीजें आजमाएं, हरी और चमकदार पत्तियों के साथ बेल होगी घनी
मनी प्लांट के लिए चाय बनाने के बाद बची चायपत्ती का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें कुछ पोषक तत्व और ऑर्गेनिक मैटर मौजूद होते हैं, जो मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि चायपत्ती का इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।
चाय बनाने के बाद बची पत्ती को साफ पानी से धो लें, ताकि उसमें दूध और चीनी के अवशेष न रहें। इसके बाद इसे पूरी तरह सुखाएं। सूखने के बाद थोड़ी मात्रा में चायपत्ती को गमले की मिट्टी में मिलाया जा सकता है। इसे बार-बार या जरूरत से ज्यादा मात्रा में डालने से बचना चाहिए।
मनी प्लांट की देखभाल में केले के छिलके से तैयार पानी का भी सीमित इस्तेमाल किया जा सकता है। केले के छिलकों में पोटैशियम सहित कई खनिज मौजूद होते हैं। इससे पौधे के लिए एक साधारण घरेलू लिक्विड फीड तैयार किया जा सकता है। हालांकि इसे किसी नियमित उर्वरक का सीधा विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
इसके लिए दो से तीन केले के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में करीब 24 घंटे भिगोकर रखा जा सकता है। इसके बाद छिलकों को पानी से निकाल दें और तैयार पानी को सादे पानी में मिलाकर पौधे में डालें। इसका इस्तेमाल बहुत अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए।
तीसरा विकल्प चावल धोने के बाद बचा हुआ पानी या बिना नमक वाला चावल पकाने के बाद बचा मांड है। इसमें स्टार्च के साथ कुछ पोषक तत्व भी होते हैं। चावल धोने के पानी को सादे पानी के साथ मिलाकर कभी-कभार मनी प्लांट में इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर चावल का मांड इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसमें नमक, तेल या मसाला नहीं होना चाहिए।
चावल का पानी लंबे समय तक रखकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पुराना या बदबूदार पानी मिट्टी में डालने से बचें, क्योंकि इससे गमले में छोटे कीड़े आने की समस्या हो सकती है।
इन घरेलू चीजों के इस्तेमाल के साथ पौधे की मूल जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। मनी प्लांट को बहुत तेज सीधी धूप में रखने से उसकी पत्तियां झुलस सकती हैं। इसे ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां पर्याप्त रोशनी मिले, लेकिन बहुत तेज सीधी धूप न पड़े।
पानी देते समय मिट्टी की ऊपरी सतह की नमी जांच लें। मिट्टी हर समय गीली रहने से जड़ों को नुकसान हो सकता है। गमले में पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है। पौधे में मौजूद पीली, सूखी या खराब पत्तियों को साफ कैंची से हटाते रहना भी देखभाल का हिस्सा है। इस तरह घरेलू चीजों के सीमित इस्तेमाल के साथ सही रोशनी, पानी और जल निकासी का संतुलन बनाए रखने से मनी प्लांट की बेहतर देखभाल की जा सकती है।
