बची हुई चाय को बार-बार गर्म करके पीना पड़ सकता है भारी, स्वाद के साथ सेहत पर भी पड़ सकता है असर
स्टडी के अनुसार ताजी चाय में कैटेचिन और पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। इन्हें हृदय स्वास्थ्य और शरीर में सूजन कम करने के लिए उपयोगी माना जाता है। चाय को दोबारा गर्म करने की प्रक्रिया में इन लाभकारी तत्वों के कम होने की बात कही गई है। इसके अलावा, चाय को बार-बार उबालने से उसमें टैनिन की मात्रा बढ़ सकती है। इसकी वजह से चाय का स्वाद कसैला और कड़वा हो सकता है। यानी दोबारा गर्म करने का असर केवल चाय के स्वाद तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि इसके कुछ घटकों में भी बदलाव हो सकता है।
दूध वाली चाय को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना भी चिंता का विषय बताया गया है। ऐसी स्थिति में बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है। दी गई जानकारी के अनुसार दूध वाली चाय को कमरे के तापमान पर दो घंटे से अधिक समय तक रखने पर उसमें तेजी से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं। बाद में ऐसी चाय को दोबारा गर्म करने के बावजूद फूड पॉइजनिंग या पेट खराब होने का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता। वहीं, टैनिन की मात्रा बढ़ने से कुछ लोगों को एसिडिटी, सीने में जलन और बदहजमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
चाय में टैनिन की मात्रा बढ़ने का असर शरीर में आयरन के अवशोषण पर भी पड़ सकता है। बढ़ा हुआ टैनिन शरीर द्वारा आयरन को ठीक से अवशोषित करने की प्रक्रिया में रुकावट डाल सकता है। यह खास तौर पर ऐसे लोगों के लिए चिंता का विषय हो सकता है जिनमें पहले से आयरन की कमी है। दी गई जानकारी में भारत में एनीमिया की समस्या को देखते हुए बासी चाय के सेवन को लेकर सावधानी बरतने की बात कही गई है। इसलिए बची हुई चाय को लंबे समय बाद दोबारा गर्म करके पीने के बजाय ताजी चाय बनाना बेहतर विकल्प बताया गया है।
स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की सलाह है कि एक बार में उतनी ही चाय बनाई जाए, जितनी पीनी हो। यदि चाय को कुछ समय तक गर्म रखना जरूरी हो तो उसे बार-बार गैस पर उबालने के बजाय थर्मस का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे चाय को गर्म रखने में मदद मिल सकती है और बार-बार गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खासकर दूध वाली चाय को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए। इस तरह ताजी बनी चाय का सेवन करना और बची हुई चाय को लंबे समय बाद दोबारा गर्म करके पीने से बचना स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर माना गया है।
