गमले या आंगन में उगाएं जामुन का पेड़, पौधा लगाने से लेकर खाद-पानी और प्रूनिंग तक जानें आसान देखभाल के तरीके
घर पर जामुन उगाने के लिए बीज के बजाय अच्छी नर्सरी से स्वस्थ पौधा लेना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। बीज से तैयार पौधे को फल देने में ज्यादा समय लग सकता है, जबकि अच्छी किस्म का ग्राफ्टेड या नर्सरी से प्राप्त पौधा अपेक्षाकृत जल्दी फल देने की स्थिति में पहुंच सकता है। पौधा खरीदते समय उसकी किस्म, उम्र और फल आने की संभावित अवधि की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
जामुन का पौधा लगाने के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां रोजाना पर्याप्त मात्रा में धूप पहुंचती हो। सीधी धूप मिलने से पौधे की बढ़त बेहतर हो सकती है। अगर इसे जमीन में लगाया जा रहा है तो आसपास पर्याप्त खुली जगह होना जरूरी है, क्योंकि समय के साथ जामुन का पेड़ काफी बड़ा हो सकता है। इसे दीवार, पाइप, फर्श या दूसरी स्थायी संरचनाओं से उचित दूरी पर लगाना बेहतर रहता है।
मिट्टी का चुनाव भी पौधे की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। जामुन के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जिसमें पानी आसानी से निकल सके। जिस मिट्टी में लंबे समय तक पानी जमा रहता है, वहां जड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। पौधा लगाने से पहले मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाने से मिट्टी की संरचना बेहतर करने और शुरुआती पोषण देने में मदद मिल सकती है।
जमीन में पौधा लगाने के लिए उसकी जड़ों के आकार से थोड़ा बड़ा गड्ढा तैयार करें। गड्ढे में मिट्टी और कंपोस्ट का मिश्रण डालकर पौधे को सावधानी से रखें। इस दौरान जड़ों को मोड़ने या दबाने से बचें। पौधा लगाने के बाद आसपास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबाएं और पर्याप्त पानी दें। हालांकि शुरुआती दिनों में मिट्टी को लगातार बहुत ज्यादा गीला रखने से बचना चाहिए।
अगर जामुन का पौधा गमले में लगाना चाहते हैं तो सामान्य छोटे गमले के बजाय बड़ा और मजबूत कंटेनर चुनना बेहतर रहेगा। गमले के नीचे पानी की निकासी के लिए पर्याप्त छेद होने चाहिए। जैसे-जैसे पौधे की जड़ें और आकार बढ़ें, जरूरत के अनुसार उसे बड़े कंटेनर में स्थानांतरित किया जा सकता है। गमले में उगाए गए पौधे के लिए धूप और पानी की मात्रा पर विशेष नजर रखना जरूरी है।
नए लगाए गए पौधे को शुरुआत में नियमित सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन हर बार पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत की नमी जांचना बेहतर है। यदि मिट्टी पहले से नम है तो तुरंत पानी देने की आवश्यकता नहीं होती। पौधे के स्थापित होने के बाद पानी की जरूरत मौसम, मिट्टी और पौधे की स्थिति के अनुसार बदल सकती है।
अच्छी ग्रोथ के लिए समय-समय पर जैविक कंपोस्ट या उपयुक्त खाद दी जा सकती है। बहुत अधिक खाद देने से बचना चाहिए। सूखी, कमजोर और आपस में रगड़ खाने वाली शाखाओं को समय-समय पर हटाने से पौधे का आकार व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है। फल आने का समय जामुन की किस्म, पौधे की उम्र, मौसम और देखभाल पर निर्भर करता है। इसलिए पौधा लगाते समय धैर्य रखना जरूरी है। सही पौधा, पर्याप्त धूप, अच्छी जल निकासी और संतुलित देखभाल के साथ घर में लगाया गया जामुन का पौधा आने वाले वर्षों में फलदार पेड़ का रूप ले सकता है।
