सर्दियों में बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा हेल्दी रहने के लिए रोजमर्रा की इन आदतों को बनाएं अपनी ताकत
ठंड के मौसम में खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। भोजन में मौसमी सब्जियों फल दालें साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन को शामिल करना बेहतर रहता है। शरीर को गर्म रखने के लिए लोग अक्सर बहुत ज्यादा तला भुना भोजन खाने लगते हैं लेकिन इससे बचना चाहिए। संतुलित और पौष्टिक भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करता है। आंवला अमरूद संतरा और अन्य मौसमी फल भी डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।
सर्दियों में पानी पीने की आदत कम हो जाती है लेकिन शरीर को इस मौसम में भी पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। प्यास कम लगने के बावजूद समय समय पर पानी पीते रहना चाहिए। गुनगुना पानी कई लोगों को आरामदायक लग सकता है लेकिन पानी की मात्रा व्यक्ति की उम्र गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। चाय और कॉफी को पानी का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
ठंड के कारण लोग सुबह उठकर व्यायाम करने से बचते हैं लेकिन शरीर को सक्रिय रखना जरूरी है। मौसम अनुकूल हो तो हल्की वॉक स्ट्रेचिंग योग या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी शारीरिक गतिविधियां की जा सकती हैं। नियमित गतिविधि शरीर को सक्रिय रखने के साथ मूड को बेहतर बनाए रखने में भी मदद कर सकती है। बहुत ज्यादा ठंड या खराब मौसम में घर के भीतर हल्की एक्सरसाइज करना भी विकल्प हो सकता है।
सर्दियों में त्वचा की देखभाल भी जरूरी है। ठंडी और शुष्क हवा के कारण त्वचा में रूखापन बढ़ सकता है। नहाने के बाद मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। बहुत गर्म पानी से लंबे समय तक नहाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है इसलिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल बेहतर रहता है। होंठों और हाथों की त्वचा को भी मॉइस्चराइज रखना चाहिए।
ठंड के मौसम में पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। देर रात तक जागने और लगातार स्क्रीन देखने की आदत नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। रोज लगभग एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करनी चाहिए। अच्छी नींद शरीर और दिमाग दोनों को आराम देने में मदद करती है।
सर्दियों में साफ सफाई को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोना और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर विशेष सावधानी बरतना भी उपयोगी है। बुजुर्ग छोटे बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों को ठंड से बचाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
अगर लगातार बुखार सांस लेने में परेशानी सीने में दर्द बहुत ज्यादा कमजोरी या कोई अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दे तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सर्दियों में स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका किसी एक नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित भोजन नियमित गतिविधि पर्याप्त नींद स्वच्छता और मौसम के अनुसार सावधानी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है।
