September 26, 2026

कश्मीर और पानी पर भारत को घेरने पहुंचे शहबाज से आतंकवाद पर हुआ सीधा सवाल UN के बाहर चुपचाप आगे बढ़ गए पाक PM

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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ कई आरोप लगाए और कश्मीर तथा सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया लेकिन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर जब उनसे पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े सवाल पूछे गए तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 24 सितंबर को UN मुख्यालय में प्रवेश करते समय पत्रकार ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा। शहबाज शरीफ सवाल को अनसुना करते हुए आगे बढ़ गए। बाद में मुख्यालय से निकलते समय उनसे लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया। इस बार भी उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी और आगे निकल गए। इस घटनाक्रम की पुष्टि कई मीडिया रिपोर्टों में हुई है।

इसके एक दिन बाद 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान शहबाज शरीफ ने भारत पर सिंधु नदी के पानी को हथियार बनाने का आरोप लगाया और कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने सिंधु नदी प्रणाली को पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए भारत की नीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही अपने भाषण में भारत के साथ संघर्ष का संदर्भ भी दिया। उनके संबोधन के बाद भारत ने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दावों का जवाब देते हुए उसके आतंकवाद और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने पाकिस्तान के राजनीतिक ढांचे को लेकर फॉर्म-47 का संदर्भ दिया और कहा कि पाकिस्तान में सत्ता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। गहलोत ने ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में पाए जाने का भी उल्लेख किया और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के रिकॉर्ड पर सवाल उठाया।

भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी गई। गहलोत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों के अधिकारों तथा वहां की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति और धार्मिक कट्टरता से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।

भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र में यह बयानबाजी ऐसे समय हुई जब दोनों देशों के प्रतिनिधि अपने अपने पक्ष को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने की कोशिश कर रहे थे। शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में भारत की नीतियों पर सवाल उठाए तो भारत ने जवाब के अधिकार के तहत पाकिस्तान के आतंकवाद संबंधी रिकॉर्ड और उसकी आंतरिक राजनीतिक व्यवस्था को मुद्दा बनाया।

इस पूरे घटनाक्रम में UN मुख्यालय के बाहर पूछे गए सवाल भी चर्चा में रहे। पत्रकारों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से सीधे आतंकवादियों को कथित तौर पर पनाह देने और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल किया लेकिन शहबाज शरीफ ने दोनों मौकों पर कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया।

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