August 10, 2026

ट्रंप के पूर्व NSA जॉन बोल्टन पर बड़ा एक्शन, गोपनीय दस्तावेज रखने के मामले में दोष स्वीकार

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नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे जॉन बोल्टन ने गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को अवैध रूप से अपने पास रखने के मामले में अदालत के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग के साथ हुए समझौते के बाद बोल्टन ने दोषी होने की बात मानी है। हालांकि उनकी सजा पर अंतिम फैसला अदालत सुनाएगी लेकिन इस समझौते के चलते उन्हें जेल की अवधि में कुछ राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

77 वर्षीय जॉन बोल्टन ने मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट स्थित अमेरिकी जिला अदालत में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को अपने पास रखने के आरोप को स्वीकार किया। अमेरिकी कानून के तहत इस अपराध में अधिकतम 10 वर्ष तक की जेल की सजा का प्रावधान है। अदालत ने इस मामले में सजा सुनाने की तारीख 28 अक्टूबर तय की है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार जॉन बोल्टन पर पिछले वर्ष कुल 18 आरोप लगाए गए थे। जांच में आरोप लगाया गया कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहते हुए तैयार किए गए निजी नोट्स और कई गोपनीय दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखे। इतना ही नहीं उन्होंने इनमें से कुछ संवेदनशील जानकारियां अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी साझा की थीं। जांच एजेंसियों का दावा है कि बोल्टन ने अपने कार्यकाल से जुड़े एक हजार से अधिक पन्नों की गोपनीय जानकारी अपने परिवार को भेजी थी।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार बोल्टन ने कुछ गोपनीय दस्तावेज अपनी पत्नी और बेटी के साथ साझा किए थे। एक दस्तावेज भेजने के बाद उन्होंने संदेश में यह भी लिखा था कि इस विषय पर कोई चर्चा नहीं करेंगे। हालांकि जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि उनके परिवार ने इन दस्तावेजों को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया हो। लेकिन सरकारी सेवा छोड़ने के बाद उनके निजी ईमेल खाते को ईरान से जुड़े एक हैकर द्वारा निशाना बनाए जाने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की आशंका भी जताई थी।

न्याय विभाग के साथ हुए समझौते के तहत बोल्टन ने 22.5 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरने पर सहमति जताई है। इसके अलावा उन्हें संघीय सेवा से मिलने वाली सेवानिवृत्ति संबंधी कुछ सुविधाएं छोड़नी होंगी। समझौते में यह भी शामिल है कि वे खुफिया अधिकारियों के साथ पूछताछ में सहयोग करेंगे और 100 घंटे की सामुदायिक सेवा भी करेंगे। अभियोजन पक्ष ने अदालत से जेल की सजा अधिकतम पांच वर्ष तक सीमित रखने की सिफारिश की है लेकिन अदालत इस सिफारिश को मानने के लिए बाध्य नहीं है।

जॉन बोल्टन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते वर्ष 2019 में काफी खराब हो गए थे जब बोल्टन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने द रूम व्हेयर इट हैपन्ड नामक पुस्तक लिखी जिसमें ट्रंप प्रशासन की कार्यशैली और कई फैसलों की खुलकर आलोचना की गई थी। ट्रंप प्रशासन ने इस पुस्तक के प्रकाशन को रोकने की कोशिश की लेकिन अदालत से राहत नहीं मिल सकी। तब से दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से कई बार तीखी बयानबाजी होती रही है।

बोल्टन के दोष स्वीकार करने के बाद यह मामला अमेरिकी प्रशासन में गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा और संवेदनशील सूचनाओं के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजर 28 अक्टूबर को होने वाले अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।

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