रूस पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, मॉस्को समेत कई इलाकों में नुकसान; चुनाव के आखिरी दिन बढ़ा तनाव
रूसी अधिकारियों के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया गया। रक्षा मंत्रालय ने 1,100 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को रोकने की जानकारी दी, जबकि मॉस्को के मेयर के अनुसार राजधानी की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन को नष्ट किया गया। बाद में सामने आई जानकारी में रूस के अलग-अलग मोर्चों पर 1,600 से अधिक ड्रोन गिराए जाने का दावा भी किया गया।
हमले के दौरान मॉस्को की एक तेल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा। रिहायशी इमारत से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मॉस्को क्षेत्र के अधिकारियों के मुताबिक, एक 21 मंजिला इमारत से करीब 400 लोगों को निकाला गया, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव के अनुसार, हमले में दो लोगों की मौत हुई। मृतकों में 44 वर्षीय महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल बताए गए हैं। क्षेत्र में 20 लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंचाया गया।
हमले का असर ऐसे समय में सामने आया जब रूस में तीन दिन से चल रहा संसदीय चुनाव अपने अंतिम दिन में था। मतदान 18 सितंबर से शुरू हुआ था और 20 सितंबर को अंतिम चरण में पहुंचा। मॉस्को के मेयर ने आरोप लगाया कि ड्रोन हमले का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालना था। हालांकि, मतदान जारी रहा और अधिकारियों ने कहा कि हमला चुनाव को रोकने में सफल नहीं हुआ।
रूस ने यूक्रेन के कब्जे वाले कुछ इलाकों और क्रीमिया में भी संसदीय चुनाव के लिए मतदान कराया है। यूक्रेन ने इन क्षेत्रों में रूस की ओर से कराए जा रहे मतदान को अवैध बताया है। ऐसे में चुनाव के अंतिम दिन हुआ यह बड़ा ड्रोन हमला पहले से तनावपूर्ण राजनीतिक और सैन्य परिस्थितियों के बीच हुआ।
यूक्रेन की ओर से इस हमले को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। दोनों देशों के बीच युद्ध के दौरान ड्रोन हमलों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है और ऊर्जा ढांचे तथा अन्य महत्वपूर्ण ठिकाने हमलों का लक्ष्य बनते रहे हैं।
मॉस्को की तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रूस के ऊर्जा ढांचे पर हमले युद्ध के दौरान बार-बार सामने आए हैं। अधिकारियों ने रिफाइनरी परिसर में ड्रोन पहुंचने और नुकसान की पुष्टि की है। आपातकालीन दलों को प्रभावित स्थानों पर भेजकर स्थिति संभालने का काम किया गया।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में यह हमला ऐसे समय हुआ है जब दोनों पक्षों के बीच सैन्य तनाव बना हुआ है। मॉस्को और आसपास के क्षेत्र में हुए नुकसान तथा जानमाल की हानि ने युद्ध के दौरान ड्रोन हमलों के बढ़ते प्रभाव को एक बार फिर सामने ला दिया है।
