20 वर्षों बाद व्हाइट हाउस पहुंचे लेबनान के राष्ट्रपति, ट्रंप के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य तनाव पर होगी निर्णायक चर्चा
नई दिल्ली । लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंच गए हैं, जहां वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति, इजरायल-लेबनान सीमा पर तनाव और हिज्बुल्लाह की भूमिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात में क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा सहयोग और राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के निमंत्रण पर वॉशिंगटन पहुंचे राष्ट्रपति आउन और उनकी पत्नी नायमा आउन का एंड्रयूज एयर फोर्स बेस पर औपचारिक स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, अमेरिका में लेबनान की राजदूत, संयुक्त राष्ट्र में लेबनान के प्रतिनिधि तथा लेबनानी दूतावास के राजनयिक और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद राष्ट्रपति आउन अपने आधिकारिक आवास पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिका स्थित लेबनानी दूतावास के अधिकारियों से मुलाकात कर वहां के कामकाज और प्रवासी लेबनानी समुदाय से जुड़े मुद्दों की जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रपति आउन अपने दौरे की शुरुआत अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक से करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, क्षेत्रीय हालात और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके बाद व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनका औपचारिक स्वागत करेंगे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में हिज्बुल्लाह के हथियारों से जुड़े मुद्दे, लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र से इजरायली सेना की वापसी तथा संघर्ष विराम व्यवस्था को प्रभावी बनाने जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति आउन अमेरिकी सीनेट के कई सदस्यों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी अलग-अलग बैठक करेंगे। इन बैठकों में लेबनान की आर्थिक स्थिति, सुरक्षा सहयोग, मानवीय सहायता, निवेश और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर भी विचार होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय कूटनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जोसेफ आउन पिछले वर्ष लेबनान के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। इससे पहले वह लंबे समय तक लेबनानी सेना के कमांडर रहे और उन्हें अमेरिका समर्थित सैन्य नेतृत्व के रूप में भी देखा जाता रहा है। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला व्हाइट हाउस दौरा है और पहली बार उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आमने-सामने मुलाकात होगी। लगभग दो दशक बाद किसी लेबनानी राष्ट्रपति का व्हाइट हाउस पहुंचना इस यात्रा को विशेष महत्व प्रदान करता है।
मध्य पूर्व में लगातार बदलते सुरक्षा परिदृश्य और सीमा पर बनी संवेदनशील स्थिति के बीच इस मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजरें टिकी हुई हैं। यदि दोनों पक्ष सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर किसी साझा समझ तक पहुंचते हैं तो इससे लेबनान, इजरायल और व्यापक पश्चिम एशियाई क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। साथ ही यह दौरा अमेरिका और लेबनान के बीच भविष्य के सहयोग को नई मजबूती देने का अवसर भी माना जा रहा है।
