संजय राउत ने पीएम मोदी की संसद में अनुपस्थिति पर कसा तंज, राहुल गांधी को लेकर कही राजनीतिक धुलाई की बात
संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में आने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता संसद के मुख्य दरवाजे पर खड़े हैं और प्रधानमंत्री को हिम्मत दिखाकर सदन के अंदर आना चाहिए। राउत ने अपने बयान में राहुल गांधी को अच्छा और संस्कारी व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री के साथ कुछ नहीं करेंगे, बल्कि केवल थोड़ी राजनीतिक धुलाई करेंगे।
राउत का यह बयान संसद के जारी मानसून सत्र के बीच सामने आया है। इस दौरान विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की संसद में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच राउत ने दोनों नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
संजय राउत ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें राहुल गांधी से डरने की कोई जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री को सदन में आकर विपक्ष के सवालों और बहस का सामना करना चाहिए। राउत के बयान में संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच सीधे राजनीतिक संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
राउत ने अपने बयान में अमित शाह का भी उल्लेख किया और संसद में उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के शीर्ष नेताओं को महत्वपूर्ण संसदीय चर्चाओं के दौरान सदन में मौजूद रहना चाहिए। विपक्ष की ओर से लगातार यह मुद्दा उठाया जा रहा है कि सरकार के वरिष्ठ नेताओं को संसद में उपस्थित रहकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में 56 इंच का उल्लेख भारतीय राजनीति में पहले से इस्तेमाल होने वाला राजनीतिक मुहावरा है। राउत ने इसी संदर्भ को अपने तंज में शामिल करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी राजनीतिक ताकत पर भरोसा है तो उन्हें संसद में आने से बचना नहीं चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन के भीतर आने और विपक्ष का सामना करने की बात कही।
राउत की टिप्पणी के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से उनके बयान को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया गया और इसे प्रचार पाने की कोशिश के तौर पर भी देखा गया। वहीं विपक्षी खेमे की ओर से संसद में सरकार की जवाबदेही और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी का मुद्दा उठाया जा रहा है।
इस बयान में राहुल गांधी भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे। राउत ने प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता के बीच संसद में राजनीतिक बहस का संकेत देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को राहुल गांधी से घबराने के बजाय सदन में आना चाहिए। उनका तंज मुख्य रूप से प्रधानमंत्री की संसद में अनुपस्थिति और विपक्ष के साथ सीधे मुकाबले को लेकर था।
संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक टकराव जारी है। ऐसे में संजय राउत की टिप्पणी ने दोनों पक्षों के बीच चल रही बयानबाजी को और प्रमुख बना दिया है। फिलहाल राउत ने प्रधानमंत्री की सदन में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी के संदर्भ में जो टिप्पणी की है, वह संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा बन गई है।
